Lucknow News: लखनऊ में कचहरी रोड के आसपास रविवार को अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की। कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट परिसर के आसपास बने वकीलों के 58 अवैध चैंबरों को बुलडोजर से ढहा दिया गया। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के तहत की गई।
कार्रवाई के दौरान कचहरी रोड पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी के कारण नगर निगम की टीमों को अतिक्रमण हटाने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। कुछ स्थानों पर विरोध जरूर हुआ, लेकिन कार्रवाई जारी रही।
पहले ही टूट चुके थे 14 कब्जे
नगर निगम ने कचहरी रोड पर कुल 72 अवैध निर्माणों को चिन्हित किया था। इनमें से 14 अवैध कब्जों को पहले ही हटाया जा चुका था। रविवार को बाकी बचे 58 चैंबरों पर कार्रवाई की गई।
कार्रवाई शुरू होने से पहले कुछ वकीलों ने अपने चैंबर खाली कर दिए थे। कई लोग दरवाजे और दूसरी उपयोगी चीजें भी निकालकर ले गए। बताया गया कि कानूनी राहत नहीं मिलने के बाद कई कब्जेदारों ने खुद ही सामान हटाना शुरू कर दिया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
अवैध निर्माण हटाने की मांग को लेकर अधिवक्ता अनुराधा सिंह, देवांशी श्रीवास्तव और देवांशी की मां अरुणिमा श्रीवास्तव की ओर से याचिका दाखिल की गई थी। इसी याचिका पर 11 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कचहरी रोड से अवैध कब्जे हटाने का आदेश दिया था।
इसके बाद नगर निगम ने 72 अवैध निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई शुरू की। 17 मई को पहले चरण में 14 कब्जे हटाए गए थे।
कब्जेदारों को दिया गया था अंतिम मौका
4 अगस्त को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अपना रुख और सख्त किया। अदालत ने शेष चैंबरों और दुकानों के कब्जेदारों को अवैध कब्जा स्वयं हटाने का अंतिम अवसर दिया था।
नगर निगम की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किए गए और चैंबरों पर नोटिस चस्पा किए गए। तय समय सीमा के भीतर कब्जे नहीं हटाने पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की।
इस कार्रवाई के बाद कचहरी रोड का इलाका काफी बदला हुआ नजर आया। नगर निगम का कहना है कि अदालत के आदेश के तहत चिन्हित अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

