Benefits of Tamarind Seeds :आपने अक्सर यह कहावत सुनी होगी, “आम के आम, गुठलियों के भी दाम।” यही बात इमली पर भी पूरी तरह लागू होती है। ज्यादातर लोग इमली खाने के बाद उसके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि ये बीज सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकते हैं। इनमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फास्फोरस, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं।
दो तरह की होती है इमली
आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार इमली मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है। पहली देसी इमली, जो आसानी से हर जगह मिल जाती है। दूसरी पहाड़ी इमली, जो पहाड़ी इलाकों में पाई जाती है और इसके बीज सामान्य इमली से थोड़े बड़े होते हैं। दोनों तरह की इमली के बीज गुणों से भरपूर माने जाते हैं।
पाचन को रखे बेहतर
इमली के बीज का पाउडर बनाकर सेवन करने से पाचन तंत्र को फायदा मिल सकता है। यह गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक माना जाता है। फाइबर की मौजूदगी पेट को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
जोड़ों के दर्द में राहत
आयुर्वेद में इमली के बीज का उपयोग जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी समस्याओं में भी बताया गया है। इसके बीज को पीसकर लेप के रूप में लगाने से दर्द और सूजन में कुछ राहत मिल सकती है।
इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक
विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर इमली के बीज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। कई लोग इसका चूर्ण बनाकर या पानी में मिलाकर इसका सेवन करते हैं।
वजन घटाने और ताकत बढ़ाने में मदद
फाइबर से भरपूर होने के कारण यह लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास देता है। इससे ज्यादा खाने की आदत कम हो सकती है। आयुर्वेद में इसे शरीर की ताकत बढ़ाने और पुरुष स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना गया है। त्वचा और फोड़े-फुंसी में उपयोगीकुछ आयुर्वेदिक उपायों में इमली के बीज के पाउडर का उपयोग त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए भी किया जाता है। वहीं, फोड़े-फुंसी होने पर इसके पाउडर की हल्की गर्म सिकाई करने की सलाह भी दी जाती है।
पाउडर बनाने का आसान तरीका
इमली के बीजों को एक से दो दिन धूप में अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद उन्हें तोड़कर अंदर की सफेद गिरी निकाल लें। इसी गिरी को पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है। बाहरी छिलके को अलग किया जा सकता है।
सेवन से पहले रखें सावधानी
इमली के बीजों के कई फायदे बताए जाते हैं, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। अधिक मात्रा में लेने से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। जो लोग किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन नहीं करना चाहिए। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इसका उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। यदि सेवन के बाद खुजली, रैशेज या एलर्जी जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
(Disclaimer- यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. The Mid Post इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

