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शनिवार, जुलाई 18, 2026
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मां ने घर पर पढ़ाया,पिता ने किया ऐतिहासिक अनशन,सोनम वांगचुक का परिवार क्यों है खास?जानिए उनके परिवार की पूरी जानकारी

Trending News: शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इन दिनों एक बार फिर चर्चा में हैं। शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। लेकिन उनकी सामाजिक पहचान के साथ-साथ लोग उनके परिवार के बारे में भी जानना चाहते हैं। आइए जानते हैं कि सोनम वांगचुक के परिवार में कौन-कौन हैं और उनके जीवन में किसका सबसे बड़ा योगदान रहा।

मां बनीं पहली शिक्षिका

सोनम वांगचुक का जन्म 1 सितंबर 1966 को लद्दाख के लेह जिले के उलेतोकपो गांव में हुआ था। उस समय गांव में स्कूल नहीं था। ऐसे में उनकी मां सेरिंग वांगमो ने करीब 9 साल की उम्र तक उन्हें घर पर ही पढ़ाया।

उन्होंने बेटे को मातृभाषा लद्दाखी में पढ़ना-लिखना सिखाया और जीवन के व्यावहारिक अनुभव भी दिए। सोनम वांगचुक कई बार कह चुके हैं कि उनकी शुरुआती शिक्षा ने उनके सोचने का तरीका और व्यक्तित्व मजबूत बनाया।

पिता थे लद्दाख के बड़े जननेता

सोनम वांगचुक के पिता सोनम वांग्याल लद्दाख की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा थे। वे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस और बाद में कांग्रेस से जुड़े रहे। विधायक बनने के साथ-साथ उन्होंने राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम किया।

1984 में उन्होंने लद्दाख को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आमरण अनशन किया था। बाद में यह आंदोलन सफल रहा और 1989 में लद्दाख को एसटी का दर्जा मिला। उनका निधन वर्ष 1998 में हुआ।

प्रकृति से जुड़ाव बचपन से मिला

बचपन में स्कूल न होने की वजह से सोनम वांगचुक अपनी मां के साथ खेती और घरेलू कामों में हाथ बंटाते थे। इसी दौरान उनका प्रकृति, स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण से गहरा जुड़ाव बना। आगे चलकर यही अनुभव उनके पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के कार्यों की प्रेरणा बने।

पत्नी और बच्चों के बारे में क्या जानकारी है?

सोनम वांगचुक अपने निजी जीवन को हमेशा सार्वजनिक चर्चा से दूर रखते हैं। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, उनकी पत्नी और बच्चों के बारे में उन्होंने बहुत कम जानकारी साझा की है। यही कारण है कि उनके परिवार के निजी सदस्यों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

एक नाम, दो अलग-अलग हस्तियां

अक्सर लोग सोनम वांगचुक के पिता का नाम सुनकर प्रसिद्ध पर्वतारोही सोनम वांग्याल से भ्रमित हो जाते हैं। हालांकि दोनों अलग-अलग व्यक्ति हैं और पर्वतारोही सोनम वांग्याल का सोनम वांगचुक के परिवार से कोई संबंध नहीं है।

सोनम वांगचुक की सफलता के पीछे उनके माता-पिता की अहम भूमिका रही। मां ने शिक्षा की मजबूत नींव रखी, जबकि पिता ने समाज सेवा और जनहित के लिए संघर्ष का उदाहरण पेश किया। यही पारिवारिक संस्कार आज भी उनके काम और विचारों में साफ दिखाई देते हैं।

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