NEET UG 2026 Result: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 16 जुलाई को NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल 11.21 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए हैं। अब छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी ऑल इंडिया रैंक (AIR) के आधार पर कौन सा मेडिकल कॉलेज मिलने की संभावना है।
हालांकि, केवल रैंक के आधार पर कॉलेज तय नहीं होता। सीट आवंटन में उम्मीदवार की कैटेगरी, राज्य कोटा, सीटों की उपलब्धता, काउंसलिंग राउंड और कॉलेज की प्राथमिकता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रैंक के अनुसार किस कॉलेज की उम्मीद?
पिछले वर्षों के काउंसलिंग ट्रेंड के अनुसार AIR 1 से 100 तक के उम्मीदवारों को AIIMS दिल्ली समेत देश के शीर्ष AIIMS और प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलने की प्रबल संभावना रहती है।
AIR 101 से 1,000 तक के छात्रों को AIIMS, JIPMER और प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल सकते हैं। वहीं AIR 1,000 से 10,000 तक के उम्मीदवारों के लिए भी अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीट मिलने की संभावना बनी रहती है।
यदि रैंक 10,000 से 50,000 के बीच है, तो ऑल इंडिया कोटा (AIQ) या स्टेट कोटा के माध्यम से सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलने की उम्मीद रहती है। 50,000 से 1 लाख तक की रैंक वाले उम्मीदवारों को प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीट मिलने के बेहतर अवसर होते हैं।
1 लाख से अधिक रैंक पर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज, डीम्ड यूनिवर्सिटी और BDS, BAMS, BHMS, BUMS जैसे आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश की संभावना बढ़ जाती है।
देश में कितनी हैं MBBS सीटें?
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अनुसार, 2026 में देशभर में कुल 1,36,939 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। इनमें 63,296 सीटें सरकारी और 73,643 सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में हैं। इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 9,911 नई MBBS सीटें भी जोड़ी गई हैं।
काउंसलिंग कैसे होगी?
15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) कराएगी। इसके तहत AIIMS, JIPMER, BHU, AMU, ESIC, डीम्ड यूनिवर्सिटी सहित अन्य केंद्रीय संस्थानों की सीटों पर भी प्रवेश होगा। वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटों की काउंसलिंग संबंधित राज्य एजेंसियां आयोजित करेंगी।

