Ram Katori Sweet: कुछ मिठाइयां सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि अपनी कहानी और यादों के लिए भी खास होती हैं। सिद्धार्थनगर के बर्डपुर की राम कटोरी ऐसी ही मिठाई है, जिसका इतिहास 1992 से जुड़ा है।
बताया जाता है कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान बर्डपुर निवासी विनोद मोदनवाल को गिरफ्तार कर बस्ती जेल भेजा गया था। करीब 21 दिन जेल में रहने के दौरान उनके मन में कटोरी के आकार की मिठाई बनाने का विचार आया। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने इस विचार को हकीकत में बदल दिया और कटोरी जैसी आकृति वाली मिठाई का नाम राम कटोरी रखा।
खोया, दूध और घी से तैयार होती है मिठाई
राम कटोरी को पारंपरिक तौर पर खोया, दूध और घी से तैयार किया जाता है। समय के साथ यह मिठाई स्थानीय बाजार में लोगों के बीच अपनी पहचान बनाने लगी। अब बदलती पसंद को देखते हुए कृष्णा कुमार ने इसमें नए प्रयोग किए हैं।
उन्होंने राम कटोरी को 10 अलग-अलग स्वादों में तैयार करना शुरू किया है। इनमें केसरिया, पिस्ता, बादाम, काजू, इलायची, गुलाब, चॉकलेट, आम, नारियल और रबड़ी फ्लेवर शामिल हैं।
पैकेट पर भी दिखाई देती है इसकी कहानी
नई राम कटोरी को आकर्षक पैकिंग में भी उपलब्ध कराया जा रहा है। डिब्बे के पीछे इस मिठाई के जन्म की कहानी लिखी गई है, जबकि सामने श्रीराम मंदिर का चित्र दिया गया है। इस तरह मिठाई के साथ उससे जुड़ी कहानी और स्थानीय पहचान भी लोगों तक पहुंच रही है।
धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर भी इसे खास पसंद किए जाने की बात सामने आई है।
एक महीने में मिले 300 किलो से ज्यादा के ऑर्डर
नए स्वाद के साथ पेश की गई राम कटोरी को लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। जानकारी के मुताबिक, प्रयोग शुरू होने के करीब एक महीने में ही 300 किलो से अधिक के ऑर्डर मिल चुके हैं।
बस्ती, अयोध्या और संतकबीरनगर से भी नए फ्लेवर वाली राम कटोरी की मांग सामने आई है। इससे स्थानीय मिठाई को आसपास के जिलों में भी पहचान मिलने लगी है।
राम कटोरी की कहानी बताती है कि कैसे तीन दशक से ज्यादा पुरानी मिठाई अपने मूल नाम और पहचान को बरकरार रखते हुए बदलते स्वाद के हिसाब से नया रूप ले रही है।

