Worst Courses to Avoid: आज भी बड़ी संख्या में छात्र बिना किसी स्पेशलाइजेशन के जनरल बीए में दाखिला लेते हैं। हालांकि बीए अपने आप में बेकार डिग्री नहीं है, लेकिन केवल डिग्री के भरोसे नौकरी पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट राइटिंग, डेटा एनालिसिस या अन्य जॉब-ओरिएंटेड स्किल जोड़ने से करियर के विकल्प बढ़ सकते हैं।
जनरल बीकॉम के साथ प्रोफेशनल स्किल जरूरी
बीकॉम की डिग्री कॉमर्स के छात्रों के बीच लोकप्रिय है, लेकिन सिर्फ बेसिक अकाउंटिंग की जानकारी पर्याप्त नहीं हो सकती। सीए, सीएस, सीएफए, टैक्सेशन, फाइनेंशियल मॉडलिंग और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर जैसी स्किल्स सीखने से रोजगार के अवसर बेहतर हो सकते हैं। इसलिए बीकॉम चुनते समय आगे की प्रोफेशनल पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट की योजना बनाना जरूरी है।
महंगे इवेंट मैनेजमेंट डिप्लोमा से पहले जांचें स्कोप
इवेंट मैनेजमेंट की ग्लैमरस तस्वीर देखकर कई युवा महंगे डिप्लोमा में दाखिला ले लेते हैं। जबकि इस क्षेत्र में डिग्री के साथ प्रैक्टिकल अनुभव, नेटवर्किंग, क्रिएटिविटी और दबाव में काम करने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है। इसलिए केवल सर्टिफिकेट के भरोसे दाखिला लेने के बजाय संस्थान का प्लेसमेंट रिकॉर्ड और इंडस्ट्री कनेक्शन जरूर देखें।
सिर्फ बेसिक कंप्यूटर कोर्स काफी नहीं
आज कंप्यूटर और डिजिटल टूल्स का सामान्य इस्तेमाल बेहद आम हो चुका है। ऐसे में केवल बेसिक कंप्यूटर एप्लीकेशन सीखना कई नौकरियों के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता। छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार कोडिंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड या सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसी आधुनिक स्किल्स पर ध्यान देना चाहिए।
ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के साथ डिजिटल स्किल जरूरी
मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में करियर बनाने वालों के लिए सिर्फ पारंपरिक रिपोर्टिंग की जानकारी पर्याप्त नहीं रह गई है। डिजिटल मीडिया, वीडियो एडिटिंग, सोशल मीडिया, डेटा जर्नलिज्म और एआई टूल्स की समझ रोजगार के लिहाज से उपयोगी हो सकती है।
ध्यान रखें, इनमें से किसी कोर्स को पूरी तरह “बेकार” कहना सही नहीं होगा। किसी भी कोर्स का मूल्य संस्थान, छात्र की रुचि, अतिरिक्त स्किल्स और जॉब मार्केट के अनुसार बदल सकता है। एडमिशन से पहले फीस, प्लेसमेंट रिकॉर्ड, पाठ्यक्रम और इंडस्ट्री डिमांड की जांच करना बेहतर है।

