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सोमवार, सितम्बर 14, 2026
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BRICS Summit 2026: नई दिल्ली घोषणापत्र में आतंकवाद पर सख्त संदेश, UNSC में भारत की दावेदारी को चीन-रूस का समर्थन

BRICS Summit:दिल्ली में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में सदस्य देशों ने नई दिल्ली घोषणापत्र को मंजूरी दी। इसमें आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने की जरूरत बताई गई। घोषणापत्र में एकतरफा प्रतिबंधों को लेकर भी चिंता जताई गई।

घोषणापत्र में शामिल कई बिंदुओं को अमेरिका की कुछ नीतियों पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि दस्तावेज में किसी देश का सीधे नाम लेकर आलोचना नहीं की गई।

UNSC में भारत को समर्थन

ब्रिक्स घोषणापत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत पर जोर दिया गया। चीन और रूस ने सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की बड़ी भूमिका की आकांक्षा के समर्थन को दोहराया।

भारत लंबे समय से UNSC में स्थायी सदस्यता की दावेदारी कर रहा है। ऐसे में ब्रिक्स के मंच से मिले इस समर्थन को नई दिल्ली के लिए अहम कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।

ग्लोबल साउथ की आवाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स को ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार के लिए 10-सूत्रीय रोडमैप भी रखा।

मोदी ने UNSC में सुधार के साथ वैश्विक वित्तीय संस्थानों में विकासशील देशों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने ब्रिक्स को प्रतिस्पर्धा के बजाय साझेदारी और सहयोग का मंच बनाने पर जोर दिया।

चीन 2027 में करेगा अगले ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घोषणा की कि 2027 में होने वाला 19वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चीन की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सदस्य देशों के साथ मिलकर पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता कायम करने में सकारात्मक भूमिका निभाने की इच्छा जताई।

यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब ब्रिक्स का विस्तार हो चुका है और समूह की वैश्विक भूमिका लगातार बढ़ रही है।

मोदी-जिनपिंग बातचीत के मुद्दे अहम

प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात में भारत-चीन संबंधों को सामान्य पटरी पर लाने पर चर्चा हुई। चीन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में व्यापार और आर्थिक संबंधों पर ज्यादा जोर दिखाई दिया, जबकि सीमा विवाद को अपेक्षाकृत कम प्राथमिकता मिली।

भारत ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के रिश्तों में आगे बढ़ने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है। नई दिल्ली का रुख रहा कि सीमा पर अमन दोनों देशों के संबंधों की बुनियाद है।

रिश्तों की बुनियाद सीमा पर शांति

मोदी-जिनपिंग बैठक से यह संकेत मिला कि दोनों देश संबंधों में सुधार की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन भारत सीमा विवाद को नजरअंदाज करने के पक्ष में नहीं है। व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ सीमा पर तनाव कम रखना भारत की प्राथमिकता बनी हुई है।

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