Mohammed Shami Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने शुक्रवार, 6 नवंबर को इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी। शमी ने लिखा कि वह सफेद जर्सी को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट से जुड़ी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी। करीब 13 साल के टेस्ट करियर में उन्होंने कई यादगार प्रदर्शन किए और भारतीय गेंदबाजी को मजबूती दी।
इंस्टाग्राम पर भावुक संदेश के साथ दी विदाई
मोहम्मद शमी ने अपने वीडियो में टेस्ट करियर की शुरुआत से लेकर कई खास मौकों की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि जब पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब उनका सपना देश के लिए कुछ कर दिखाना था। इसके बाद हर विकेट, संघर्ष, चोट और वापसी ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया।
शमी ने टेस्ट क्रिकेट को अपनी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा बताया। उन्होंने इस सफर में साथ देने वाले टीममेट्स, कोच, परिवार और प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया। साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) को भी समर्थन देने के लिए धन्यवाद कहा।
64 टेस्ट मैचों में झटके 229 विकेट
मोहम्मद शमी ने 6 नवंबर 2013 को वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में टेस्ट डेब्यू किया था। संयोग से टेस्ट करियर की शुरुआत की 13वीं सालगिरह पर ही उन्होंने संन्यास का ऐलान किया।
उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट मैच खेले और 27.71 की औसत से 229 विकेट हासिल किए। इस दौरान उनके नाम छह बार पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड भी रहा। टेस्ट में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 6 विकेट पर 56 रन रही, जबकि एक मैच में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 9 विकेट पर 118 रन का था। बल्लेबाजी में भी उन्होंने दो अर्धशतक लगाए और उनका सर्वोच्च स्कोर 56 रन रहा।
2023 में खेला था आखिरी टेस्ट
शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मैच जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में खेला था। इसके बाद चोट और फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण वह टेस्ट टीम में वापसी नहीं कर सके।
वनडे और टी20 क्रिकेट में जारी रहेगा सफर
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का मतलब यह नहीं है कि मोहम्मद शमी ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कह दिया है। वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे। ऐसे में प्रशंसकों को वनडे और टी20 मुकाबलों में उनकी गेंदबाजी देखने की उम्मीद रहेगी। टेस्ट क्रिकेट से उनका जाना भारतीय क्रिकेट के एक अहम दौर का अंत है।

