LLB Admission Age Limit: लॉ की पढ़ाई करने का सपना देखने वाले युवाओं और उन लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जो उम्र के कारण अब तक एलएलबी में दाखिला लेने से हिचक रहे थे। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने तीन वर्षीय और पांच वर्षीय लॉ डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा हटा दी है। बीसीआई ने 6 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में इसकी जानकारी दी। इस फैसले के बाद अब उम्मीदवार तय शैक्षणिक योग्यता पूरी करने पर किसी भी उम्र में कानून की पढ़ाई कर सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में बीसीआई ने क्या बताया?
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने बीसीआई की ओर से पेश वकील राधिका गौतम ने बताया कि काउंसिल की जनरल काउंसिल ने आयु सीमा हटाने का प्रस्ताव पारित किया है। यह प्रस्ताव 5 नवंबर को पास हुआ था।
बीसीआई ने अपने फैसले के पीछे तर्क दिया कि लॉ कोर्स में दाखिले के लिए अधिकतम उम्र तय करने का पर्याप्त शैक्षणिक आधार नहीं है। काउंसिल के मुताबिक, शैक्षणिक योग्यता, उपस्थिति, पढ़ाई के घंटे, परीक्षाएं और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसे मौजूदा नियम शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पर्याप्त हैं। इसलिए केवल उम्र के आधार पर किसी योग्य उम्मीदवार को कानून की पढ़ाई से नहीं रोका जाना चाहिए।
क्या थी पहले की व्यवस्था?
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के लीगल एजुकेशन रूल्स, 2008 के तहत पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र 20 साल और कुछ आरक्षित वर्गों के लिए 22 साल निर्धारित की गई थी। तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स के लिए भी अधिकतम आयु सीमा का प्रावधान था।
बीसीआई ने 2013 में संबंधित प्रावधान वापस लिया था, लेकिन सितंबर 2016 में सर्कुलर जारी कर इसे दोबारा लागू कर दिया। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल हुई। मार्च 2017 में शीर्ष अदालत ने आयु सीमा पर रोक लगा दी थी। बाद में इस मुद्दे पर अलग-अलग अदालतों में भी सुनवाई हुई।
ऋषभ दुग्गल की याचिका का निपटारा
सुप्रीम कोर्ट में यह मामला ऋषभ दुग्गल की याचिका के जरिए पहुंचा था। याचिका में बीसीआई के 2016 के सर्कुलर को चुनौती दी गई थी। काउंसिल की ओर से आयु सीमा हटाने का फैसला बताए जाने के बाद अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया।
अब किसे मिलेगा फायदा?
इस फैसले से उन उम्मीदवारों को मौका मिलेगा, जो ग्रेजुएशन के बाद तीन वर्षीय एलएलबी करना चाहते हैं या 12वीं के बाद पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं। नौकरी कर रहे लोग और करियर बदलने की योजना बना रहे उम्मीदवार भी अब उम्र की अधिकतम सीमा की चिंता किए बिना लॉ की पढ़ाई पर विचार कर सकेंगे।
हालांकि, आयु सीमा हटने का मतलब यह नहीं है कि दाखिले की बाकी शर्तें भी खत्म हो गई हैं। उम्मीदवारों को संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय की शैक्षणिक योग्यता, प्रवेश परीक्षा और अन्य निर्धारित नियम पूरे करने होंगे।

