केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को नियंत्रित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से नए नियम अधिसूचित कर दिए हैं। ये नियम 1 मई 2025 से लागू होंगे। नए प्रावधानों के तहत विदेशी लिंक वाले ऑनलाइन गेम्स, विशेष रूप से चीन, पाकिस्तान और तुर्किए से जुड़े प्लेटफॉर्म पर सरकार की विशेष नजर रहेगी।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, जिन ऑनलाइन गेम्स का संबंध इन देशों से पाया जाएगा, उनके लिए भारत में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जा सकता है। हालांकि सामान्य सोशल गेम्स के लिए फिलहाल रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं रखा गया है। सरकार ने यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है।
संदिग्ध विदेशी लिंक वाले गेम्स पर कड़ी निगरानी
सरकार का कहना है कि यदि किसी ऑनलाइन गेम या प्लेटफॉर्म का संचालन या डेटा कनेक्शन चीन, पाकिस्तान या तुर्किए से जुड़ा पाया जाता है, तो उस पर अलग से नियम लागू होंगे। ऐसे मामलों में प्लेटफॉर्म को भारत सरकार के पास पंजीकरण कराना होगा और आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करना पड़ेगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सामान्य सोशल गेम्स पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बाध्यता नहीं है, लेकिन सरकार को यह अधिकार रहेगा कि वह किसी भी संदिग्ध प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई कर सके।
पैसों के लेन-देन वाले गेम्स पर सख्ती
नए नियमों के तहत पैसों के लेन-देन वाले ऑनलाइन गेम्स पर रोक लगाने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही ई-स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सट्टेबाजी या जुए से जुड़े गेम खुद को ई-स्पोर्ट्स बताकर पंजीकरण नहीं करा सकेंगे।
सरकार का मानना है कि इससे ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध गेमिंग गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐप्स होंगे ब्लॉक
सरकार ने साफ किया है कि जो ऐप्स या वेबसाइटें नए नियमों का पालन नहीं करेंगी, उन्हें भारत में ब्लॉक किया जा सकता है। इसके अलावा यदि कोई उपयोगकर्ता वीपीएन या विदेशी वेबसाइटों के माध्यम से प्रतिबंधित गेम्स खेलने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि इस कानून को अगस्त 2025 में मंजूरी दी गई थी और अब इसके अंतिम नियम अधिसूचित कर दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा, पारदर्शिता और ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के बेहतर नियमन के लिए यह कदम जरूरी था।









