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मंगलवार, नवम्बर 3, 2026
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RAX Phone: क्या है प्रधानमंत्री मोदी का खास सिक्योरिटी फोन? बिना मोबाइल नंबर के होती है बात, जानें इसकी खूबियां

RAX Phone: आज के दौर में स्मार्टफोन हैकिंग, कॉल टैपिंग और निजी डेटा चोरी की घटनाएं लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। आम लोगों के फोन की सुरक्षा पर ही जब इतने सवाल उठते हैं, तो देश के प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और बड़े सरकारी अधिकारियों की बातचीत कितनी सुरक्षित रखी जाती होगी? दरअसल, भारत सरकार के पास संवेदनशील बातचीत के लिए एक खास कम्युनिकेशन सिस्टम है, जिसे RAX फोन कहा जाता है।

यह कोई सामान्य स्मार्टफोन नहीं है, जिसमें कैमरा, इंटरनेट और सोशल मीडिया जैसे फीचर्स मिलते हों। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों के बीच होने वाली गोपनीय बातचीत को सुरक्षित रखना है। रिपोर्ट्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी ऐसी सुरक्षित कम्युनिकेशन व्यवस्था का इस्तेमाल करने की बात कही गई है। आइए जानते हैं आखिर RAX फोन क्या है और यह आम मोबाइल से कितना अलग है।

क्या है RAX Phone और कैसे करता है काम?

RAX का पूरा नाम Restricted Access Exchange है। यह एक विशेष सुरक्षित टेलीफोन नेटवर्क है, जिसका इस्तेमाल केवल अधिकृत सरकारी अधिकारी ही कर सकते हैं। आम मोबाइल फोन की तरह इस नेटवर्क से किसी भी नंबर पर कॉल नहीं की जा सकती। इसके जरिए सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर बातचीत की जाती है।

बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान भी हुई थी चर्चा

RAX फोन का इस्तेमाल 26 फरवरी 2019 को बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान भी चर्चा में आया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय तत्कालीन एयर चीफ बीएस धनोआ ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से सुरक्षित RAX लाइन के जरिए बातचीत की थी। इस दौरान एयरस्ट्राइक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा किए जाने की बात सामने आई थी।

फिंगरप्रिंट से होती है यूजर की पहचान

RAX फोन की सुरक्षा में यूजर की पहचान का भी खास ध्यान रखा जाता है। इसमें फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन की सुविधा बताई गई है। यानी फोन इस्तेमाल करने से पहले अधिकृत व्यक्ति को अपनी पहचान सत्यापित करनी होती है। इससे अनधिकृत लोगों के लिए सिस्टम तक पहुंच बनाना मुश्किल हो जाता है।

कॉल करने वाले की तस्वीर भी दिखने का दावा

इस फोन की एक और खासियत कॉलर की पहचान से जुड़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉल आने पर रिसीव करने वाले अधिकारी की स्क्रीन पर कॉल करने वाले की लाइव तस्वीर दिखाई देने की व्यवस्था होती है। इससे सामने वाले व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहती है बातचीत

RAX सिस्टम में बातचीत को सुरक्षित रखने के लिए एन्क्रिप्शन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। आसान भाषा में समझें तो बातचीत को डिजिटल कोड में बदल दिया जाता है, ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति उसे आसानी से समझ न सके। यह तकनीक संवेदनशील सूचनाओं को सुरक्षित रखने में मदद करती है।

क्या RAX फोन को हैक करना नामुमकिन है?

RAX फोन में सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन, सीमित नेटवर्क एक्सेस और यूजर ऑथेंटिकेशन जैसी व्यवस्थाएं बताई जाती हैं। इससे सामान्य फोन के मुकाबले बातचीत को बेहतर सुरक्षा मिल सकती है। हालांकि, किसी भी डिजिटल सिस्टम को पूरी तरह हैक-प्रूफ कहना सही नहीं होगा।

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