Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की हत्या के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। शनिवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिवार से मुलाकात करने गोंडा जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। शहावपुर टोल प्लाजा के पास पुलिस और अजय राय के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर मसौली थाने ले गई।
गोंडा जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग
अजय राय के गोंडा दौरे को देखते हुए पुलिस ने रास्ते में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। गोंडा जाने वाले मार्ग पर कई जगह बैरिकेडिंग की गई। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि स्थानीय पार्टी नेताओं में से कुछ को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि अगर मंत्री डॉ. संजय निषाद पीड़ित परिवार के समर्थन में धरना दे सकते हैं, तो कांग्रेस नेताओं को परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है?
सोशल मीडिया विवाद के बाद हुई थी कारोबारी की मौत
विनोद साहनी गोंडा के परसपुर क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव के रहने वाले थे और बर्तन का कारोबार करते थे। बताया गया कि सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े विवाद के बाद कुछ लोगों ने उन पर हमला किया था। गंभीर हालत में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन गुरुवार शाम लखनऊ में उनकी मौत हो गई।
विनोद साहनी की मौत के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी, बिहार के मुकेश सहनी की पार्टी और मंत्री संजय निषाद की ओर से भी मामले को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है।
अजय राय ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
हिरासत में लिए जाने के बाद अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा कर उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के इशारे पर पुलिस ने उन्हें गोंडा जाने से रोककर मसौली थाने में हिरासत में लिया।
अजय राय ने कहा कि वह केवल दिवंगत कारोबारी के परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने वालों को रोक रही है।
मामले ने पकड़ा राजनीतिक रंग
विनोद साहनी हत्याकांड अब केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। वहीं, अजय राय को रोके जाने के बाद कांग्रेस और सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में हत्या के पीछे की वजह और आरोपियों को लेकर क्या कार्रवाई सामने आती है।

