Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच और सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जा रही है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम सच्चाई अदालत में पेश होने वाले सबूतों के आधार पर ही तय होगी।
तीन साल की आजादी का एंगल आया सामने
सूत्रों के अनुसार, चेतन चौधरी अपने करियर पर ध्यान देना चाहता था और कथित तौर पर उसने शादी के लिए करीब तीन साल इंतजार करने की बात कही थी। दूसरी ओर सिया की शादी नवंबर में केतन अग्रवाल से तय हो चुकी थी। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इसी वजह से कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई गई थी ताकि कुछ वर्षों तक शादी टल जाए और दोनों को अपनी-अपनी योजनाओं के लिए समय मिल सके।
फरवरी से ही शुरू हुई थी कथित प्लानिंग
पुलिस जांच में यह दावा किया गया है कि हत्या की कथित साजिश फरवरी से ही बनाई जा रही थी। जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने इंटरनेट पर हत्या से जुड़े तरीके भी खोजे थे। इतना ही नहीं, पुलिस का कहना है कि दोनों ने घटनास्थल का पहले दौरा कर संभावित परिस्थितियों का आकलन किया और पूछताछ की स्थिति में क्या जवाब देना है, इसकी भी तैयारी की थी।
मोबाइल डेटा और चैट की हो रही जांच
जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि घटना से पहले और बाद में मोबाइल फोन से कई चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड हटाए गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं ताकि डिलीट किए गए डेटा और चैट रिकॉर्ड को दोबारा हासिल किया जा सके। इससे मामले की कड़ियां और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
घटना वाले दिन क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, 14 जून को सिया कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ किले पर लेकर गई थी। जांच में दावा किया गया है कि पहली कोशिश में केतन बच गया था। इसके बाद कथित तौर पर दोबारा योजना बनाकर उसे फिर किले पर ले जाया गया, जहां उसके साथ यह घटना हुई। पुलिस का कहना है कि मामले की हर कड़ी की वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
जांच अभी जारी
फिलहाल पुलिस सभी डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और अदालत में सबूत पेश होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी। आरोपियों पर लगे आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

