Reliance AI Strategy:रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रणनीति को अब अगले चरण में पहुंचा दिया है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि रिलायंस का AI प्रोजेक्ट अब योजना से निकलकर क्रियान्वयन (Execution) के दौर में प्रवेश कर चुका है। कंपनी का लक्ष्य देश में मजबूत और लाभदायक AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। यह जानकारी रिलायंस की 2026 वार्षिक आम बैठक (AGM) के दौरान सामने आई।
AI को सस्ता और सभी के लिए उपलब्ध बनाने की कोशिश
मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस की AI पहल का उद्देश्य केवल नई तकनीक विकसित करना नहीं है, बल्कि AI को आम लोगों, व्यवसायों और डेवलपर्स तक कम कीमत में पहुंचाना भी है।
कंपनी की AI इकाई ‘Reliance Intelligence’ बड़े स्तर पर कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं के निर्माण पर काम कर रही है। रिलायंस की योजना भारत की जरूरतों के अनुसार AI समाधान तैयार करने की है। इसके तहत 22 भारतीय भाषाओं में AI सेवाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे देश के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को अपनी भाषा में आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सकेगा।
Jio ऐप से बनेगा पर्सनल AI असिस्टेंट
कंपनी की डिजिटल शाखा Jio भी AI तकनीक को तेजी से अपने नेटवर्क और सेवाओं में शामिल कर रही है। MyJio ऐप को एक स्मार्ट पर्सनल AI एजेंट में बदला जाएगा, जो यूजर्स को सलाह देने, सेवाओं को मैनेज करने और उनकी जरूरतों के अनुसार मदद करने में सक्षम होगा।इसके अलावा Jio नेटवर्क में भी AI तकनीक को जोड़ा जा रहा है। इससे कॉल ट्रांसक्रिप्शन, बातचीत का सार तैयार करना और कई स्मार्ट सुविधाएं संभव हो सकेंगी।
भारत को AI क्षेत्र में वैश्विक ताकत बनाने का लक्ष्य
मुकेश अंबानी का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई ऊर्जा जैसे क्षेत्र भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। रिलायंस AI इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड सेवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भारत को वैश्विक AI केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।रिलायंस की यह रणनीति केवल कंपनी के कारोबार को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य भारत में AI तकनीक को अधिक सुलभ, किफायती और व्यापक बनाना भी है।

