Lucknow News: गुरुवार दोपहर से राजधानी लखनऊ में मानसून ने जोरदार दस्तक दी। अमौसी और सरोजनी नगर से शुरू हुई तेज बारिश देखते ही देखते पूरे शहर में फैल गई। बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं कई इलाकों में जलभराव की वजह से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई। सड़कें पानी से भर गईं और कई जगह लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
चौक और सदर में सबसे ज्यादा असर
बारिश का सबसे ज्यादा असर पुराने लखनऊ के इलाकों में देखने को मिला। चौक की बान वाली गली में नाले के जाम होने और ढाल वाले रास्ते के कारण पानी तेजी से भर गया। कई दुकानों और घरों के बाहर पानी जमा हो गया, जिससे स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं सदर बाजार के आजाद मोहल्ले में तेज बारिश के दौरान एक बड़ा पेड़ गिर गया। हालांकि किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं मिली, लेकिन कुछ समय के लिए आवाजाही प्रभावित रही।
किसानों के लिए राहत लेकर आई बारिश
शहर में जहां बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ाई, वहीं किसानों के लिए यह किसी राहत से कम नहीं रही। लंबे इंतजार के बाद अच्छी बारिश होने से खेतों में धान की रोपाई ने रफ्तार पकड़ ली है। कई किसान बारिश के बीच ही खेतों में उतर गए और रोपाई का काम शुरू कर दिया।
कृषि विभाग के मुताबिक प्रदेश में 4.60 लाख हेक्टेयर में धान की नर्सरी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से लगभग 4.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नर्सरी तैयार हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो खरीफ फसलों की बुआई और तेजी से आगे बढ़ेगी।
अगले कई दिनों तक जारी रहेगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है। शनिवार और रविवार को 25 से अधिक जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा करीब 35 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में लगभग पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।
प्रशासन और लोगों के लिए जरूरी संदेश
बारिश के मौसम में जलभराव वाले इलाकों से सावधानी के साथ गुजरें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें। वहीं किसानों के लिए यह समय धान की खेती के लिहाज से काफी अनुकूल माना जा रहा है, जिससे इस बार खरीफ सीजन की अच्छी शुरुआत होने की उम्मीद है।

