Uttar Pradesh में हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की संभावना है।
इसी कार्यक्रम के दौरान लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर बनने वाले नए फ्लाईओवर का शिलान्यास भी किया जाएगा।
45 मिनट में पूरा होगा लखनऊ-कानपुर का सफर
छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे को भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। परियोजना में 18 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन और 45 किलोमीटर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर शामिल है।
वर्तमान में लखनऊ से कानपुर की यात्रा में करीब डेढ़ से ढाई घंटे का समय लगता है, जबकि एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह दूरी 45 से 60 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक का दबाव भी करीब 70 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है।
इतना देना होगा टोल
एक्सप्रेसवे पर कुल चार टोल प्लाजा बनाए गए हैं।
- वार्षिक FASTag योजना का लाभ लेने वाले वाहन चालकों के लिए टोल 15 रुपये।
- सामान्य कार चालकों के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपये।
- 24 घंटे के भीतर वापसी करने पर 415 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।
पूरे एक्सप्रेसवे पर आधुनिक ANPR और PTZ कैमरे लगाए गए हैं, जिससे यातायात की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को भी मंजूरी
इसी बीच केंद्र सरकार ने 123 किलोमीटर लंबे कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को भी मंजूरी दे दी है। लगभग 7,145 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे कानपुर के रमईपुर के पास मगरासा से शुरू होकर महोबा जिले के कबरई तक जाएगा।
यह हाईवे आगे बांदा-सागर हाईवे और भोपाल-मुंबई कॉरिडोर से भी जुड़ेगा, जिससे बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
सड़क हादसों में कमी और तेज होगी कनेक्टिविटी
वर्तमान राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर पिछले पांच वर्षों में करीब 994 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 604 लोगों की मौत और लगभग 890 लोग घायल हुए। नए ग्रीनफील्ड हाईवे से सड़क सुरक्षा में सुधार और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत 16 बड़े पुल, एक रेलवे ओवरब्रिज और दोनों ओर करीब 12 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड बनाई जाएगी। एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था के कारण स्थानीय और लंबी दूरी के वाहनों की आवाजाही अलग-अलग होगी।
बुंदेलखंड को मिलेगा बड़ा फायदा
नया हाईवे बनने के बाद कानपुर से कबरई का सफर, जो अभी करीब साढ़े तीन घंटे में पूरा होता है, घटकर डेढ़ से दो घंटे रह जाएगा। इससे ईंधन की बचत होगी और उद्योग, कृषि, लॉजिस्टिक्स तथा व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

