Lucknow News: ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को अपनी सुरक्षा और सामान की चिंता रहती है। लेकिन जब फर्स्ट AC जैसे प्रीमियम कोच में ही चोरी की घटना सामने आए और मदद मिलने में देरी का आरोप लगे, तो सवाल उठना लाजिमी है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से सामने आया है। यहां ट्रेन के फर्स्ट AC कोच में सफर कर रही एक महिला ने अपने बैग से करीब ढाई लाख रुपये के गहने और 25 हजार रुपये नकद चोरी होने का दावा किया है। महिला का आरोप है कि चार बार इमरजेंसी चेन खींचने के बावजूद उन्हें तत्काल मदद नहीं मिली।
ट्रेन नंबर 15726 में हुई चोरी की घटना
मामला आनंद विहार टर्मिनल से न्यू जलपाईगुड़ी जाने वाली ट्रेन नंबर 15726 का बताया जा रहा है। महिला अपने छोटे बच्चे के साथ फर्स्ट AC कोच में सफर कर रही थीं। उनके मुताबिक, लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर पहुंचने के दौरान उन्हें पता चला कि बैग में रखे गहने और नकदी गायब हैं।
महिला ने चोरी हुए सामान की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई है। इसके अलावा बैग से 25 हजार रुपये नकद भी गायब होने का दावा किया गया है। उन्हें यह पता नहीं चल पाया कि चोरी कब और किस तरह हुई।
चार बार चेन खींचने पर भी मदद नहीं मिलने का आरोप
इस घटना में सबसे ज्यादा चर्चा महिला के मदद मांगने के तरीके और कथित तौर पर सहायता नहीं मिलने को लेकर हो रही है। महिला का कहना है कि चोरी का पता चलने के बाद उन्होंने ट्रेन की इमरजेंसी चेन चार बार खींची। इसके बावजूद उनके मुताबिक न तो टीटीई मौके पर पहुंचे और न ही RPF का कोई जवान उनकी मदद के लिए आया।
महिला ने रेलवे हेल्पलाइन पर संपर्क करने की बात भी कही है। घटना के बाद उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह अपनी परेशानी बताते हुए रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती नजर आ रही हैं।
अखिलेश यादव ने BJP सरकार पर साधा निशाना
इस मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीजेपी सरकार को घेरते हुए लिखा कि भाजपा राज में अपराधियों के पकड़े जाने पर सवाल है। उन्होंने महिला के आंसुओं का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा।
रेलवे ने RPF और GRP को किया टैग
महिला का वीडियो सामने आने के बाद रेलवे की ओर से संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस मामले की तरफ दिलाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, Northern Railway के लखनऊ मंडल ने RPF और उत्तर प्रदेश GRP को टैग कर मामले को देखने के लिए कहा।
फिलहाल इस घटना ने ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जरूरत को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मामले की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

