Meerut News: मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र में 7 साल के अंगदवीर की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शुरुआती तौर पर बच्चे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले की परतें खुलती चली गईं।
पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें मासूम को एक कार में जाते हुए देखा गया। इसके बाद वाहन के नंबर के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस जांच में सामने आई साजिश
जांच एजेंसियों के अनुसार, मां और उसके परिचित व्यक्ति के बीच लंबे समय से संपर्क था। पुलिस को शक होने पर मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई। आरोप है कि घटना के बाद बातचीत और चैट से जुड़े कुछ डिजिटल रिकॉर्ड मिटाने की कोशिश भी की गई थी, जिन्हें तकनीकी टीम ने रिकवर कर लिया।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने का दावा पुलिस ने किया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
CCTV और तकनीकी साक्ष्य बने अहम कड़ी
इस मामले की जांच में CCTV फुटेज और डिजिटल फॉरेंसिक जांच ने अहम भूमिका निभाई। फुटेज में बच्चे की आखिरी गतिविधियां सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई। पुलिस ने वाहन की जानकारी जुटाकर संदिग्ध तक पहुंच बनाई।
अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन लगातार पूछताछ और सबूतों के आधार पर घटना की सच्चाई सामने आ गई।
इलाके में शोक और लोगों में आक्रोश
मासूम की मौत की खबर के बाद इलाके में गहरा दुख और गुस्सा देखने को मिला। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। परिवार और पड़ोसियों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि इतनी छोटी उम्र के बच्चे की जान इतनी दर्दनाक परिस्थितियों में चली गई।
पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी पहलुओं की जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र पेश करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि गंभीर अपराधों की जांच में CCTV और आधुनिक तकनीक कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

