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शनिवार, सितम्बर 26, 2026
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Kanwar Yatra: मेरठ में दिखी भाईचारे की मिसाल,जनाजा आया तो थम गए कांवड़ियों के कदम, डीजे बंद कर दिया रास्ता;

Kanwar Yatra: मेरठ-रुड़की हाईवे पर रविवार को कांवड़ यात्रा के बीच इंसानियत और भाईचारे की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने सभी का दिल जीत लिया। सिवाया गांव निवासी 40 वर्षीय निजाम पुत्र शेरदीन की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उनके स्वजन जनाजा लेकर कब्रिस्तान के लिए निकले, लेकिन कब्रिस्तान कांवड़ मार्ग के दूसरी ओर होने के कारण हाईवे पार करना चुनौतीपूर्ण था।

जनाजा आया तो रुक गए शिवभक्त

कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए स्वजन ने पुलिस को सूचना दी। थाना दौराला प्रभारी सुमन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और व्यवस्था संभाली। पुलिस ने जब कांवड़ियों को बताया कि जनाजा हाईवे से होकर गुजरेगा, तो शिवभक्तों ने खुद रास्ता बनाने की जिम्मेदारी संभाल ली।

कांवड़ियों ने एक-दूसरे को रोककर जनाजे के लिए रास्ता खाली कराया। जनाजा जब हाईवे से गुजरा तो भगवा सैलाब के बीच शिवभक्त अनुशासन के साथ खड़े रहे और किसी ने जल्दबाजी नहीं की।

डीजे और जयकारे भी कर दिए बंद

इस दौरान कांवड़ियों ने अपने डीजे बंद कर दिए। कुछ देर के लिए कांवड़ मार्ग पर पूरी तरह शांति छा गई। जनाजा सुरक्षित तरीके से कब्रिस्तान की ओर रवाना होने के बाद ही शिवभक्तों ने अपनी यात्रा दोबारा शुरू की।

ग्रामीणों ने कहा कि कांवड़ियों ने सिर्फ रास्ता ही नहीं दिया, बल्कि दूसरे समुदाय के व्यक्ति के अंतिम संस्कार के समय डीजे और जयकारे रोककर सम्मान भी प्रकट किया।

भाईचारे की मिसाल बनी तस्वीर

जनाजा कब्रिस्तान पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने फिर से अपनी यात्रा शुरू की और ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ आगे बढ़े। इस पूरे घटनाक्रम ने सावन की कांवड़ यात्रा के बीच आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अलग-अलग आस्थाओं के बावजूद एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना ही भारतीय समाज की खूबसूरती है। सिवाया में सामने आई यह तस्वीर क्षेत्र में इंसानियत और सद्भाव का संदेश दे रही है।

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