World Environment Day के अवसर पर उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक ही दिन में 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र से करेंगे।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, पर्यावरण विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, शिक्षाविद और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
जलवायु परिवर्तन पर होगी राज्य स्तरीय संगोष्ठी
कार्यक्रम के दौरान ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और उनसे निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि राज्य सरकार ने पौधरोपण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों, मंडलों और जिलों को लक्ष्य आवंटित कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जनभागीदारी को भी बढ़ावा देगा।
2741 करोड़ रुपये की क्लीन एयर परियोजना होगी लॉन्च
विश्व पर्यावरण दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विश्व बैंक के सहयोग से तैयार की गई 2741 करोड़ रुपये की लागत वाली भारत की पहली एयरशेड आधारित क्लीन एयर मैनेजमेंट परियोजना का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा पौधरोपण महाभियान के आधिकारिक लोगो का भी अनावरण किया जाएगा।
कुकरैल वन क्षेत्र में लगाए जाएंगे 200 से अधिक पौधे
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कुकरैल वन क्षेत्र में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री स्वयं पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत करेंगे। यहां 200 से अधिक पौधे लगाए जाने की योजना है। सरकार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और हरित क्षेत्र का विस्तार करना है।
औद्योगिक घरानों को मिला डेढ़ करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने इस वर्ष औद्योगिक इकाइयों को भी पौधरोपण अभियान से जोड़ा है। प्रदेश भर के औद्योगिक घरानों को कुल 1.5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। पर्यावरण विभाग ने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
अमृत सरोवरों पर भी होंगे विशेष कार्यक्रम
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी अमृत सरोवर स्थलों पर विश्व पर्यावरण दिवस और आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनभागीदारी के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवरों को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
1973 में पहली बार मनाया गया था विश्व पर्यावरण दिवस
विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल पर हुई थी। वर्ष 1972 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में आयोजित ‘मानव पर्यावरण सम्मेलन’ में हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 5 जून 1973 को पहली बार आधिकारिक रूप से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।

