उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज जन्मदिन है। 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में जन्मे योगी आदित्यनाथ का जीवन अध्यात्म और राजनीति का अनूठा संगम रहा है। गणित में स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने संन्यास का मार्ग चुना और गोरखनाथ पीठ के महंत अवैद्यनाथ के शिष्य बने। इसके बाद गोरखपुर उनकी कर्मभूमि बना और यहीं से उनके सार्वजनिक जीवन की नई शुरुआत हुई।
26 वर्ष की उम्र में बने सांसद
योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 1998 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। मात्र 26 वर्ष की आयु में जीत दर्ज कर वे उस समय के सबसे युवा सांसदों में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार 1999, 2004, 2009 तथा 2014 के लोकसभा चुनाव जीतकर पांच बार संसद पहुंचे। गोरखपुर क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ ने उन्हें पूर्वांचल की राजनीति का प्रमुख चेहरा बना दिया।
मुख्यमंत्री के रूप में नई पहचान
वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद योगी आदित्यनाथ को राज्य की कमान सौंपी गई। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सुधार, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व में राज्य में कई बड़े सड़क, एक्सप्रेसवे और निवेश संबंधी परियोजनाएं शुरू की गईं।
दूसरी बार सत्ता में वापसी का रिकॉर्ड
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा ने दोबारा बहुमत हासिल किया। इसके साथ ही वे लगभग चार दशक बाद उत्तर प्रदेश में ऐसे मुख्यमंत्री बने, जिन्होंने पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार दूसरी बार बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। यह उपलब्धि राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कानून-व्यवस्था और ‘बुलडोजर’ की चर्चा
मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल की सबसे चर्चित विशेषताओं में कानून-व्यवस्था पर जोर रहा है। अपराधियों और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बुलडोजर का इस्तेमाल व्यापक चर्चा का विषय बना। समर्थकों ने इसे अपराध नियंत्रण की सख्त नीति बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इसके विभिन्न पहलुओं पर सवाल भी उठाए।
विकास और धार्मिक पर्यटन पर फोकस
योगी सरकार ने अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा और चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। साथ ही, राज्य में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिना जाता है।
54वें जन्मदिन के अवसर पर योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर एक बार फिर चर्चा में है, जिसने उन्हें देश के प्रमुख राजनीतिक नेताओं में शामिल कर दिया है।

