Uttar Pradesh Weather: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। वातावरण में मौजूद नमी और गर्म पछुआ हवाओं के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश की गतिविधियां फिलहाल सीमित रह सकती हैं।
कई जिलों में बढ़ सकती है उमस
राज्य के मध्य, पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। हालांकि बढ़ते तापमान के साथ वातावरण में नमी लगातार कम हो रही है, जिससे व्यापक वर्षा की संभावना कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।
नमी में कमी से कमजोर पड़ रही बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल पुरवा हवाओं का पर्याप्त प्रभाव नहीं बन पा रहा है। ऐसे में बंगाल की खाड़ी से नमी नहीं पहुंच रही, जिससे बादलों का घनत्व और वर्षा की संभावनाएं सीमित बनी हुई हैं। वर्तमान में वातावरण में मौजूद नमी के कारण कहीं-कहीं बादल बन रहे हैं, लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक रहने की संभावना कम है।
तापमान में हो रही बढ़ोतरी
प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। आंशिक बादलों की मौजूदगी के बावजूद गर्मी का असर बना हुआ है। दिन के समय तेज धूप और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अगले कुछ दिनों में बढ़ सकती है लू की स्थिति
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले 24 घंटे में कहीं हल्की बारिश नहीं होती है तो रविवार से आसमान और साफ हो सकता है। इसके बाद तापमान में और वृद्धि दर्ज होने की संभावना है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) जैसी परिस्थितियां बनने के संकेत हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई सक्रिय मौसमी प्रणाली नहीं है, इसलिए निकट भविष्य में पुरवा हवाओं के मजबूत होने की संभावना भी कम दिखाई दे रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के लोगों को फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार कम हैं।

