Siddaramaiah Slams: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस के दिन यह बढ़ोतरी “क्रूर विडंबना” है और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कामकाजी वर्ग के लिए “उपहार” बताया।
“उपहार” जो जनता पर भारी पड़ रहा है
मजदूर दिवस के अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दिन श्रमिकों के योगदान को सम्मानित किया जाता है, उसी दिन गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ना बेहद दुखद और असंवेदनशील है।उन्होंने कहा कि एलपीजी की कीमतों में वृद्धि सीधे तौर पर आम परिवारों की रसोई पर असर डालती है। खासकर दैनिक मजदूरी करने वाले लोग, निम्न आय वर्ग और मध्यम वर्ग पहले से ही महंगाई का बोझ झेल रहे हैं, ऐसे में यह बढ़ोतरी उनकी मुश्किलें और बढ़ा देती है।
केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला
सिद्धारमैया ने इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता की आर्थिक परेशानियों को नजरअंदाज किया जा रहा है और महंगाई का सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तु की कीमत बढ़ना केवल घरेलू बजट ही नहीं, बल्कि छोटे कारोबारियों और सड़क किनारे खाने-पीने का काम करने वालों पर भी असर डालता है।
महंगाई और आम जनता की मुश्किलें
मुख्यमंत्री ने कहा कि एलपीजी की कीमत बढ़ने से केवल गैस सिलेंडर ही महंगा नहीं होता, बल्कि इसका असर पूरे खाद्य तंत्र पर पड़ता है। छोटे होटल, ढाबे और घरों में खाना बनाने की लागत बढ़ जाती है, जिसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ता है।उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय में जब महंगाई पहले से ही चिंता का विषय बनी हुई है, ऐसे फैसले आम लोगों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर करते हैं।
राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत
इस बयान के बाद राज्य और केंद्र के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है। कर्नाटक सरकार लगातार ईंधन और एलपीजी की कीमतों को लेकर केंद्र पर सवाल उठाती रही है।वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि ऊर्जा कीमतें वैश्विक बाजार से जुड़ी होती हैं और इन्हें नियंत्रित करना आसान नहीं होता।फिलहाल मुख्यमंत्री का यह बयान मजदूर दिवस पर हुई इस कीमत वृद्धि को लेकर राजनीतिक बहस को और गर्म कर रहा है।

