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शनिवार, नवम्बर 7, 2026
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रात 11:30 बजे निकाला विजय जुलूस, 3 घंटे बाद ऐसा पलटा नतीजा कि उड़ गए होश

Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान के पंचायत चुनाव में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में लोगों को हैरान कर दिया है। नागौर जिले के माडपुरा गांव में सरपंच चुनाव का परिणाम आने से पहले ही एक प्रत्याशी के समर्थकों ने जीत का जश्न मना लिया। रात करीब 11:30 बजे मगी देवी प्रजापत की जीत की खबर गांव में फैल गई। इसके बाद समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ विजय जुलूस निकालना शुरू कर दिया। गांव की गलियों में नारेबाजी और जश्न का माहौल बन गया। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। करीब तीन घंटे बाद रात 2:30 बजे आधिकारिक परिणाम घोषित हुआ तो पूरी बाजी पलट गई। जिस प्रत्याशी की जीत का जश्न मनाया जा रहा था, वह चुनाव हार चुकी थीं। वहीं, उनकी प्रतिद्वंद्वी रूपी बाई ने 169 वोटों से जीत दर्ज कर ली।

 ढोल-नगाड़ों के साथ निकाला विजय जुलूस

समर्थकों का उत्साह इतना बढ़ गया कि आधी रात को ही विजय जुलूस निकाल दिया गया। लोग ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते नजर आए और एक-दूसरे को जीत की बधाइयां देने लगे। सभी को विश्वास था कि मगी देवी ने सरपंच चुनाव में जीत हासिल कर ली है।

हालांकि, उस समय मतगणना की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी और चुनाव अधिकारी की ओर से अंतिम परिणाम घोषित किया जाना बाकी था। इसके बावजूद समर्थकों ने शुरुआती जानकारी को ही अंतिम नतीजा मान लिया। करीब तीन घंटे तक गांव में जीत का माहौल बना रहा।

रात 2:30 बजे आया असली चुनावी नतीजा

रात करीब 2:30 बजे मतगणना पूरी होने के बाद आधिकारिक परिणाम घोषित किया गया। नतीजे सामने आते ही समर्थकों की खुशी मायूसी में बदल गई। चुनाव में मगी देवी प्रजापत नहीं, बल्कि उनकी प्रतिद्वंद्वी रूपी बाई विजेता घोषित हुईं।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, रूपी बाई को कुल 1,581 वोट मिले, जबकि मगी देवी प्रजापत को 1,412 वोट प्राप्त हुए। इस तरह रूपी बाई ने 169 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

नतीजे ने साफ कर दिया कि रात 11:30 बजे जिस जीत के दावे के साथ विजय जुलूस निकाला गया था, वह महज एक अफवाह थी। अंतिम मतगणना के बाद चुनाव का फैसला पूरी तरह बदल गया।

 जीत का जश्न बदला मायूसी में

कुछ घंटे पहले तक माडपुरा गांव में मगी देवी के समर्थक जीत की खुशी मना रहे थे, लेकिन आधिकारिक नतीजे ने पूरे माहौल को बदल दिया। दूसरी ओर, रूपी बाई की जीत के साथ चुनावी मुकाबले का अंतिम फैसला सामने आ गया।

नागौर जिले के माडपुरा गांव का यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि चुनाव में शुरुआती जानकारी या अफवाह के आधार पर जीत का दावा करना जल्दबाजी हो सकती है। मतगणना पूरी होने और चुनाव अधिकारी की ओर से आधिकारिक परिणाम घोषित किए जाने के बाद ही जीत की पुष्टि होती है। माडपुरा में आधी रात को निकला विजय जुलूस इसी जल्दबाजी की एक अनोखी मिसाल बन गया।

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