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Tuesday, June 2, 2026
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Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का बड़ा मंगल क्यों माना जाता है खास?जानिए इस दिन हनुमान जी को क्या चढ़ाना होता है शुभ

Bada Mangal 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। यह दिन भगवान हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा करने से बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली कई समस्याओं से राहत मिल सकती है।

बड़े मंगल के अवसर पर भक्त हनुमान जी को सिंदूर और लाल चोला अर्पित करते हैं। माना जाता है कि इससे भगवान हनुमान प्रसन्न होते हैं और साधक को शुभ फल प्रदान करते हैं।

सिंदूर और चोला चढ़ाने की कथा

पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक बार हनुमान जी ने माता सीता को सिंदूर लगाते हुए देखा और उनसे इसका कारण पूछा। माता सीता ने बताया कि वह भगवान श्रीराम की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए सिंदूर लगाती हैं।

यह सुनकर हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी भक्ति और प्रेम व्यक्त करने के लिए पूरे शरीर पर सिंदूर का लेप कर लिया। तभी से हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करने की परंपरा शुरू हुई, जिसे आज भी भक्त श्रद्धा के साथ निभाते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार मिलते हैं ये लाभ

धार्मिक विश्वास है कि बड़े मंगल पर हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं। इसके अलावा व्यक्ति को मानसिक शांति और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है।

मान्यता यह भी है कि जो लोग भय, तनाव या नकारात्मकता का सामना कर रहे हैं, उन्हें इस दिन विशेष पूजा करनी चाहिए। इससे मनोबल मजबूत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी की कृपा से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों में भी कमी आती है। वहीं आर्थिक परेशानियों और कर्ज से मुक्ति के लिए भी भक्त इस दिन विशेष पूजा करते हैं।

पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को लाल चोला, सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इस दिन काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए और किसी प्रकार के विवाद या कटु व्यवहार से दूर रहना चाहिए।

साथ ही घर और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें तथा तामसिक भोजन का सेवन न करें। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, श्रद्धा और सकारात्मक भाव से की गई पूजा अधिक फलदायी मानी जाती है।

Disclaimer- यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. The Mid Post इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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