Parking Dispute Murder Case:Delhi Parking Dispute Murder, राजधानी दिल्ली के प्रीत विहार इलाके में एक छोटा सा विवाद अचानक बहुत बड़ा बन गया। पार्किंग को लेकर शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि एक युवक की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, यह घटना ए-144 प्रीत विहार की है। यहां पंकज नैयर के भाई पारस रहते हैं। उसी मकान में गौरव शर्मा नाम का व्यक्ति किराए पर रहता था। दोनों के बीच पिछले कई दिनों से पार्किंग को लेकर बहस चल रही थी। छोटी-छोटी बातों पर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी।
भाई को बुलाना पड़ा भारी
रविवार को विवाद ज्यादा बढ़ गया, तो पारस ने अपने भाई पंकज नैयर को नोएडा से बुला लिया। मकसद था कि मामला शांतिपूर्वक सुलझाया जाए। लेकिन बात संभलने के बजाय और बिगड़ गई।
फायरिंग में गई जान
पार्किंग को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। आरोप है कि इसी दौरान गौरव शर्मा ने गुस्से में गोली चला दी। गोली पंकज नैयर के सीने में लगी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गाड़ियों को लेकर था झगड़ा
बताया जा रहा है कि आरोपी के पास दो गाड़ियां थीं—एक बीएमडब्ल्यू और एक फॉर्च्यूनर। जबकि उसके पास सिर्फ एक ही पार्किंग की जगह थी। बीएमडब्ल्यू पहले से पार्क थी, लेकिन दूसरी गाड़ी खड़ी करने को लेकर विवाद हुआ और मामला हिंसक हो गया।
आरोपी मौके से फरार
घटना के बाद गौरव शर्मा अपने साथियों के साथ मौके से भाग गया। पुलिस को घटना की सूचना पीसीआर कॉल के जरिए मिली। तुरंत पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में जुट गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है ताकि आरोपी को जल्द पकड़ा जा सके।
पहले भी हो चुके हैं विवाद
पुलिस के मुताबिक, गौरव शर्मा इलाके में जाना-पहचाना व्यक्ति है और उसके खिलाफ पहले भी छोटे-मोटे झगड़ों के मामले सामने आ चुके हैं। इस बार उसने गुस्से में आकर बड़ा अपराध कर दिया।
इलाके में फैली दहशत
इस घटना के बाद प्रीत विहार इलाके में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पार्किंग की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। पंकज के परिवार का कहना है कि वह सिर्फ विवाद सुलझाने आए थे, लेकिन उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी।

