Randeep Hooda: रणदीप हुड्डा ने बॉलीवुड बबल को दिए एक इंटरव्यू में अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि 90 के दशक में मेलबर्न में स्टूडेंट रहते हुए उन्होंने करीब तीन साल तक रात में टैक्सी चलाई। इस काम से वह अच्छी कमाई कर लेते थे।
रणदीप को पता रहता था कि किस समय ऑफिस से लोग निकलते हैं और नाइट क्लब कब खुलते और बंद होते हैं। इसी जानकारी के कारण वह व्यस्त रूट चुनते थे और दूसरे ड्राइवरों की तुलना में ज्यादा कमाई कर पाते थे।
वेटर की नौकरी भी की
टैक्सी चलाने के अलावा रणदीप ने एक चीनी रेस्टोरेंट में वेटर के रूप में भी काम किया। उस दौर में उन्हें अपना भविष्य साफ नजर नहीं आता था, लेकिन उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी।
इसी दौरान उनके मन में अभिनय करने की इच्छा लगातार बनी रही। ऑस्ट्रेलिया से भारत लौटने के बाद उन्होंने फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया।
नसीरुद्दीन शाह से सीखा अभिनय
रणदीप को 2001 में मीरा नायर की फिल्म ‘मॉनसून वेडिंग’ से पहला बड़ा मौका मिला। हालांकि इसके बाद उनका करियर तुरंत रफ्तार नहीं पकड़ सका। उन्होंने थिएटर का रुख किया और दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के साथ काम किया।
थिएटर ने उनके अभिनय को निखारने में अहम भूमिका निभाई। बाद में ‘डी’, ‘रिस्क’, ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’, ‘साहब, बीवी और गैंगस्टर’ और ‘जन्नत 2’ जैसी फिल्मों से उनकी पहचान मजबूत हुई।
‘हाईवे’ ने बदली पहचान
2014 में आई फिल्म ‘हाईवे’ में रणदीप ने महावीर भाटी का किरदार निभाया। उनके अभिनय को खूब सराहा गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर इंडस्ट्री में अपनी मजबूत जगह बनाई।
रणदीप की कथित नेटवर्थ को लेकर कई थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स पर अलग-अलग अनुमान मिलते हैं, लेकिन अभिनेता ने अपनी संपत्ति का कोई आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।

