Bollywood News: जब भी कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ या उससे ज्यादा की कमाई करती है तो लोग यही मान लेते हैं कि पूरा पैसा प्रोड्यूसर की जेब में चला गया। लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है। मशहूर निर्देशक और प्रोड्यूसर राजकुमार हिरानी ने हाल ही में फिल्मों की कमाई का पूरा गणित समझाते हुए बताया कि 100 करोड़ की कमाई का सिर्फ एक हिस्सा ही प्रोड्यूसर तक पहुंचता है।
100 करोड़ की कमाई में से कितना मिलता है?
राजकुमार हिरानी ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब किसी फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 100 करोड़ रुपये बताया जाता है, तो उसमें से सबसे पहले थिएटर मालिक अपना हिस्सा लेते हैं। शुरुआती हफ्तों में ही टिकट बिक्री का बड़ा हिस्सा सिनेमाघरों के पास चला जाता है।यही वजह है कि 100 करोड़ की कमाई का पूरा पैसा प्रोड्यूसर को नहीं मिलता। उनके अनुसार, आखिर में प्रोड्यूसर के हिस्से में केवल 35 से 40 करोड़ रुपये ही बचते हैं।
थिएटर और डिस्ट्रीब्यूटर का कितना होता है हिस्सा?
हिरानी के मुताबिक पहले सप्ताह में थिएटर टिकट बिक्री का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। इसके बाद दूसरे और तीसरे सप्ताह में उनका हिस्सा और बढ़ जाता है। इसके अलावा डिस्ट्रीब्यूटर का कमीशन भी अलग से होता है।यानी फिल्म जितनी भी कमाई करती है, उसका बड़ा हिस्सा थिएटर और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में चला जाता है। इसलिए बॉक्स ऑफिस के आंकड़े और प्रोड्यूसर की वास्तविक कमाई में काफी अंतर होता है।
मार्केटिंग का खर्च भी होता है भारी
फिल्म बनाना ही सबसे बड़ा खर्च नहीं होता। रिलीज से पहले प्रचार-प्रसार यानी मार्केटिंग पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। टीवी विज्ञापन, डिजिटल प्रमोशन, इवेंट्स और सोशल मीडिया कैंपेन का खर्च भी प्रोड्यूसर को ही उठाना पड़ता है।इस वजह से फिल्म के मुनाफे का सही आकलन केवल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन देखकर नहीं किया जा सकता।
बॉक्स ऑफिस के अलावा कहां से होती है कमाई?
राजकुमार हिरानी ने बताया कि आज फिल्मों की कमाई के कई दूसरे स्रोत भी हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं-OTT प्लेटफॉर्म्स को डिजिटल राइट्स बेचना,टीवी चैनलों को सैटेलाइट राइट्स देना,म्यूजिक राइट्स की बिक्री,विदेशी बाजारों से मिलने वाली कमाई हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पहले की तुलना में सैटेलाइट राइट्स से मिलने वाली रकम अब काफी कम हो गई है।
समझिए फिल्म बिजनेस की असली तस्वीर
राजकुमार हिरानी की बातों से साफ है कि बॉक्स ऑफिस पर दिखने वाला 100 करोड़ का आंकड़ा पूरी कमाई नहीं बल्कि कुल टिकट बिक्री होती है। थिएटर, डिस्ट्रीब्यूटर, मार्केटिंग और अन्य खर्चों के बाद प्रोड्यूसर के पास केवल 35 से 40 प्रतिशत रकम ही पहुंचती है। ऐसे में किसी फिल्म की सफलता का आकलन केवल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से नहीं, बल्कि उसके कुल बिजनेस और सभी रेवेन्यू सोर्स को देखकर किया जाना चाहिए।

