Kalapipal : मध्य प्रदेश के Shajapur जिले के कालापीपल क्षेत्र में मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब अपनी उपज बेचने पहुंचे किसानों का धैर्य जवाब दे गया। ग्राम खरदौनकलां स्थित श्रीराम वेयरहाउस पर सर्वेयर द्वारा गेहूं बार-बार रिजेक्ट किए जाने से नाराज किसानों ने कालापीपल-कुरावर स्टेट हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान करीब एक घंटे तक हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
गेहूं रिजेक्शन से बढ़ी किसानों की परेशानी
किसानों का आरोप है कि उपार्जन केंद्र पर अधिकारी नमी और गुणवत्ता का हवाला देकर बार-बार गेहूं लौटा रहे हैं। एक किसान ने बताया कि उनका सैंपल तीन-तीन बार फेल हो चुका है, जिससे उन्हें बार-बार ट्रैक्टर का किराया और अतिरिक्त परिवहन खर्च उठाना पड़ रहा है। बदलते मौसम और संभावित बारिश की आशंका ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। किसानों की मांग थी कि नमी के मानकों में राहत दी जाए और जल्द तुलाई शुरू कराई जाए।
चक्काजाम के बीच दूल्हे से ठिठोली ने हल्का किया माहौल
चक्काजाम के दौरान वहां से गुजर रही एक कार में दूल्हा अपनी दुल्हन के साथ जा रहा था। किसानों ने मजाकिया अंदाज में दूल्हे को रोककर हालचाल पूछा और कहा—“इतनी धूप में खड़े होकर कैसा लग रहा है?” जब मुहूर्त निकलने की बात पूछी गई तो दूल्हे ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि शादी हो चुकी है और अब वे देवी-देवताओं के दर्शन के लिए जा रहे हैं। इस हल्की-फुल्की बातचीत से कुछ देर के लिए माहौल भी खुशनुमा हो गया।
प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला जाम
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव ने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों ने भी स्थिति को संभालते हुए किसानों को समझाइश दी। अधिकारियों के अनुसार गेहूं में मिट्टी की मात्रा अधिक होने से ग्रेडिंग में समस्या आ रही थी। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त किया और ग्रेडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद गेहूं की तुलाई शुरू कर दी गई।

