Trending News: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज में केंद्र सरकार और बॉलीवुड से जुड़े कुछ चेहरों पर निशाना साधा। मुंबई में आयोजित महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के एक कार्यक्रम में उन्होंने अभिनेता विवेक ओबेरॉय और आर माधवन का नाम लेते हुए सवाल किया कि यदि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, तो फिर वे दुबई में क्यों रह रहे हैं।राज ठाकरे का यह बयान अब राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
विवेक ओबेरॉय और आर माधवन का लिया नाम
अपने संबोधन में राज ठाकरे ने कहा कि विवेक ओबेरॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक में उनका किरदार निभाया था, लेकिन बाद में वह दुबई जाकर बस गए। उन्होंने आर माधवन का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी कई मौकों पर प्रधानमंत्री की तारीफ की है, लेकिन उनका परिवार भी दुबई में रहता है।
ठाकरे ने सवाल उठाया कि अगर भारत में सब कुछ इतना अच्छा है और सरकार विकास कर रही है, तो फिर विदेश में बसने की जरूरत क्यों पड़ती है।
दोनों अभिनेताओं ने पहले भी दी थी सफाई
विवेक ओबेरॉय पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्होंने दुबई में अपने बिजनेस के विस्तार के लिए वहां रहना शुरू किया। वहीं आर माधवन ने बताया था कि कोविड-19 महामारी के दौरान बेटे के प्रोफेशनल स्विमिंग करियर को ध्यान में रखते हुए उन्होंने दुबई शिफ्ट होने का फैसला लिया था।यानी दोनों कलाकार अपने-अपने निजी और पेशेवर कारणों की वजह से दुबई में रह रहे हैं।
पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा पर भी बोले ठाकरे
राज ठाकरे ने अपने भाषण में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह बिल्कुल उचित नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस बयान से सहमति जताई जिसमें उन्होंने ऐसे युवाओं को माफ कर सही रास्ता दिखाने की बात कही थी।हालांकि, ठाकरे ने यह भी कहा कि यही संदेश बीजेपी समर्थकों और ट्रोल करने वालों को भी दिया जाना चाहिए।
ट्रोल कल्चर पर साधा निशाना
राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग की संस्कृति ने राजनीतिक माहौल को खराब किया है। उनका कहना था कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और ठाकरे परिवार समेत कई सार्वजनिक हस्तियों को लगातार निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि कई कलाकार भी अपनी राय रखने से बचते हैं क्योंकि उन्हें ट्रोल होने का डर रहता है।अपने भाषण के अंत में उन्होंने कहा, “जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे,” और सभी पक्षों से सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखने की अपील की।

