Viral News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन दिनों अपने आंदोलन और राजनीतिक रुख को लेकर चर्चा में है। पार्टी के नेताओं से लगातार सवाल पूछा जा रहा है कि क्या वे आने वाले समय में चुनावी राजनीति का हिस्सा बनेंगे? हालांकि, नेता इस सवाल का सीधा जवाब देने से फिलहाल बचते नजर आ रहे हैं।
CJP के सह-संयोजक सौरभ दास का कहना है कि संगठन अभी एक प्रेशर ग्रुप के तौर पर काम करना चाहता है। उनका मानना है कि भविष्य में क्या होगा, इसे लेकर अभी से बड़े-बड़े दावे करना ठीक नहीं है।
सौरभ दास ने केजरीवाल के आंदोलन का किया जिक्र
एक इंटरव्यू में सौरभ दास ने अपने रुख के पीछे की वजह बताते हुए अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाले इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस आंदोलन से सबसे बड़ी सीख यही मिली कि भविष्य को लेकर बहुत लंबे-चौड़े वादे नहीं करने चाहिए।
उनके मुताबिक जिंदगी एक समुद्र की तरह है, जहां परिस्थितियां और लहरें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए मौजूदा हालात के हिसाब से आगे बढ़ना बेहतर है।
दास ने यह भी संकेत दिया कि CJP के नेता आज कुछ कहते हैं और भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार कोई अलग फैसला लेते हैं, तो इसे उनके पुराने बयान से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
केजरीवाल के पुराने बयानों से क्या मिला सबक?
सौरभ दास का इशारा उस दौर की तरफ था जब अरविंद केजरीवाल आंदोलन के दौरान राजनीति में आने से इनकार करते थे। बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी का गठन किया और चुनावी राजनीति में कदम रखा।
इसी उदाहरण से CJP नेता यह संदेश देना चाहते हैं कि आंदोलन और राजनीति के बीच भविष्य का रास्ता हमेशा पहले से तय नहीं किया जा सकता।
‘अच्छे लोग राजनीति में आएं’, सौरभ दास की अपील
सौरभ दास ने साफ किया कि राजनीति में जाने को वह गलत नहीं मानते। उनका कहना है कि अगर भविष्य में युवाओं में राजनीतिक महत्वाकांक्षा पैदा होती है, तो इसे झूठ या वादाखिलाफी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि ज्यादा से ज्यादा अच्छे और युवा लोग राजनीति में आएं, विधायक और सांसद बनें और व्यवस्था को अंदर से बेहतर बनाने की कोशिश करें।
फिलहाल CJP अपने आंदोलन और प्रेशर ग्रुप की भूमिका पर ध्यान दे रही है। लेकिन सौरभ दास के बयान से इतना जरूर साफ है कि संगठन ने भविष्य की राजनीति का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया है।

