UP news:कानपुर के रेलबाजार थाना क्षेत्र स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में एक मरीज की मौत के बाद मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। परिवार का दावा है कि मरीज को कई दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया और जब वे उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तब अस्पताल ने उन्हें मृत अवस्था में सौंपा।
परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर कार्रवाई और 15 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई।
31 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया था
मृतक की पहचान बाबूपुरवा थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर निवासी 63 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई है। वह राजमिस्त्री का काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी माया देवी और बेटे अजय व राकेश समेत दो बेटियां हैं।
परिजनों के मुताबिक, 31 अगस्त की सुबह विजय कुमार के दाहिने हाथ और पैर ने काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद उन्हें टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिवार का कहना है कि अस्पताल में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।
तीन दिन से मिलने नहीं देने का आरोप
मृतक के बेटे अजय के मुताबिक, परिवार पिछले कुछ दिनों से मरीज से मिलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उन्हें कथित तौर पर मिलने नहीं दिया जा रहा था। इससे परिजनों को इलाज को लेकर संदेह हुआ।
इसके बाद परिवार ने मरीज को डिस्चार्ज कराकर लखनऊ ले जाने का फैसला किया। परिजनों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब नौ बजे से वे डिस्चार्ज प्रक्रिया पूरी कराने के लिए अस्पताल में मौजूद थे।
लखनऊ ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई, लेकिन…
परिवार का कहना है कि दोपहर करीब 12 बजे डिस्चार्ज के कागजात तैयार हुए। इस बीच उन्होंने मरीज को लखनऊ ले जाने के लिए एंबुलेंस भी बुला ली थी। आरोप है कि जब मरीज को उनके हवाले किया गया तो वह जीवित नहीं थे।
इसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई और 15 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।
मौके पर पहुंची पुलिस
हंगामे की सूचना मिलने पर रेलबाजार, कैंट समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और परिवार को कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
रेल बाजार थाना प्रभारी अमान सिंह के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है। पुलिस मामले में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
अस्पताल प्रबंधन ने नहीं दी प्रतिक्रिया
मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. पीके मेहरोत्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। ऐसे में फिलहाल परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर अस्पताल की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब पूरे मामले में पुलिस जांच और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड अहम होंगे। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
कानपुर के रेलबाजार थाना क्षेत्र स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में एक मरीज की मौत के बाद मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। परिवार का दावा है कि मरीज को कई दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया और जब वे उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तब अस्पताल ने उन्हें मृत अवस्था में सौंपा।

