Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद शिक्षा और इलाज की सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस बढ़ रहा है। आयुर्वेद दिवस के मौके पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आयुष क्षेत्र को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में आयुष मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में काम किया जाएगा।
सरकार की योजना को ‘एक जनपद-एक मेडिकल कॉलेज’ की तर्ज पर आगे बढ़ाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य आयुर्वेद से जुड़ी शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को जिला स्तर तक पहुंचाना है, ताकि लोगों को अपने जिले में ही बेहतर आयुष सेवाएं मिल सकें।
हर जिले तक पहुंचेगी आयुष चिकित्सा
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जिस तरह प्रदेश में हर जिले में मेडिकल कॉलेज की दिशा में काम किया जा रहा है, उसी तरह आयुर्वेद के क्षेत्र में भी चिकित्सा संस्थानों का विस्तार जरूरी है। प्रस्तावित विस्तार से आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले छात्रों और आयुष चिकित्सा की सुविधा लेने वाले लोगों को फायदा मिल सकता है।
इस पहल के तहत जिला स्तर पर आयुष से जुड़े संस्थानों और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर रहेगा। हालांकि, सभी जिलों में कॉलेज खोलने की प्रक्रिया और समयसीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
नए पोर्टल से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
कार्यक्रम में आयुष क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी लॉन्च किया गया। इस पोर्टल के जरिए आयुष क्लीनिक और अस्पतालों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकेगा। इससे रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और डिजिटल आयुष सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। नए पोर्टल और रजिस्ट्रेशन एप से आयुष चिकित्सा संस्थानों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।
आयुर्वेद को जीवनशैली से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम में आयुष राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने आयुर्वेद को केवल उपचार की पद्धति न मानकर स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बताया। प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने भी कहा कि आयुर्वेद शरीर और मन के साथ जीवनशैली और पर्यावरण को स्वास्थ्य से जोड़कर देखता है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में आयुष क्षेत्र को जिला स्तर तक विस्तार देने और डिजिटल व्यवस्था के जरिए संस्थानों के पंजीकरण को आसान बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

