Uttar pradesh में खेलों के प्रति युवाओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण इस साल प्रदेश के पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों में दाखिले के लिए आए रिकॉर्ड आवेदन हैं। 518 सीटों के लिए करीब 2600 छात्रों ने आवेदन किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि अब युवा खेलों को केवल मनोरंजन या शौक नहीं, बल्कि एक मजबूत करियर विकल्प के रूप में देखने लगे हैं।
चयन प्रक्रिया को बनाया गया पूरी तरह पारदर्शी
इस बार चयन प्रक्रिया को पूरी तरह मेरिट और प्रदर्शन आधारित बनाया गया है। प्रारंभिक चयन परीक्षा 100 अंकों की रखी गई थी, जिसमें 50 अंक फिजिकल टेस्ट और 50 अंक स्किल एवं गेम टेस्ट के लिए निर्धारित किए गए। दोनों परीक्षाओं में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य रखा गया है।
प्रारंभिक परीक्षा में इस बार प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों की संख्या भी बढ़ी है। लखनऊ और कानपुर मंडल में पिछले साल जहां 264 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, वहीं इस वर्ष 393 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
3 से 6 जून के बीच होगी मुख्य चयन परीक्षा
प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब मुख्य चयन परीक्षा में शामिल किया जाएगा। मुख्य चयन परीक्षा 3-4 जून और 5-6 जून के बीच आयोजित की जाएगी। इसमें भी कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 50 अंक फिजिकल टेस्ट और 50 अंक गेम व स्किल टेस्ट के होंगे।
फिजिकल टेस्ट में न्यूनतम 20 अंक यानी 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके बाद खेल विशेषज्ञ खिलाड़ियों की तकनीक, प्रदर्शन और खेल कौशल का मूल्यांकन करेंगे। स्किल टेस्ट के लिए 30 अंक और गेम टेस्ट के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं।
जैविक आयु जांच के बाद होगा अंतिम चयन
मुख्य चयन परीक्षा का परिणाम खेल साथी पोर्टल और संबंधित कॉलेजों की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों की जैविक आयु जांच कराई जाएगी, जो अभिभावकों की सहमति से होगी।
जांच में सफल पाए गए खिलाड़ियों की काउंसलिंग आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रमाणपत्रों का सत्यापन और कॉलेज वरीयता के आधार पर अंतिम प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर
स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के प्रधानाचार्य और प्रबंध समिति उत्तर प्रदेश के सचिव दीपेंद्र यादव ने बताया कि प्रारंभिक ट्रायल पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अंतिम ट्रायल भी इसी पारदर्शिता के साथ आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि विभाग का लक्ष्य अगले सत्र में आवेदन संख्या को 3 से 4 गुना तक बढ़ाना है, ताकि अधिक से अधिक युवा खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
खेलों में बढ़ती रुचि बदल रही युवाओं का भविष्य
स्पोर्ट्स कॉलेजों में बढ़ते आवेदन इस बात का संकेत हैं कि अब युवा खेलों में अपना भविष्य देख रहे हैं। सरकारी स्तर पर बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और पारदर्शी चयन प्रक्रिया खिलाड़ियों का भरोसा मजबूत कर रही हैं। आने वाले समय में यह बदलाव उत्तर प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।

