Kashi Vishwanath Temple: श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के नव्य-भव्य स्वरूप के बाद श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी पहुंच रहे हैं और श्रद्धा के साथ मंदिर में उदारतापूर्वक दान भी दे रहे हैं। इसका असर मंदिर के चढ़ावे पर भी साफ दिखाई दे रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में मंदिर को करीब 32 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह राशि लगभग 21.50 करोड़ रुपये थी। यानी इस बार चढ़ावे में करीब 10 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
80 वर्षीय महिला ने दिया 3 करोड़ से अधिक का दान
इस दौरान तमिलनाडु से आईं 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु ने अपने दिवंगत बेटों स्व. वेंकट सुब्रमण्यम और आर. राजलक्ष्मी की स्मृति में मंदिर को 3 करोड़ 50 हजार रुपये का दान दिया। महिला ने बताया कि पति और दोनों बेटों के निधन के बाद उन्होंने अपना जीवन ईश्वर भक्ति को समर्पित कर दिया है। काशी पहुंचने पर उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और मंदिर प्रशासन को दो करोड़ रुपये का चेक सौंपा।
अन्न क्षेत्र और रुद्राभिषेक के लिए भी सहयोग
महिला श्रद्धालु ने अगले एक वर्ष तक श्रीकाशी विश्वनाथ अन्न क्षेत्र के लिए 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का संकल्प लिया है। इसके अलावा उन्होंने अगले 25 वर्षों तक अपने दोनों बेटों की स्मृति में रुद्राभिषेक के लिए प्रत्येक वर्ष 25-25 हजार रुपये देने का भी वचन दिया है।
धाम बनने के बाद कई गुना बढ़ा दान
मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्रीकाशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले मंदिर को सालभर में लगभग 20 करोड़ रुपये का दान मिलता था, जबकि वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर करीब 84 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धाम में लगातार नई व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि दर्शन और पूजा व्यवस्था पहले से अधिक सुगम हो सके।

