spot_img
शुक्रवार, सितम्बर 4, 2026
-विज्ञापन-

More From Author

Auto News: शोरूम में कार सस्ती दिखे तो न हों खुश, On-Road Price में लगते हैं ये एक्स्ट्रा चार्ज

Auto News: नई कार खरीदने का सपना हर किसी का होता है। लोग अक्सर कार खरीदने से पहले इंटरनेट या शोरूम पर उसकी कीमत देखते हैं और उसी के हिसाब से अपना बजट तय कर लेते हैं। लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना बेहद जरूरी है,वेबसाइट या विज्ञापन में दिखाई जाने वाली कीमत अक्सर Ex-Showroom Price होती है, जबकि कार को सड़क पर उतारने के लिए आपको On-Road Price चुकानी पड़ती है।

यानी अगर आप सिर्फ Ex-Showroom कीमत देखकर बजट बनाएंगे, तो बाद में आपका खर्च उम्मीद से काफी ज्यादा हो सकता है।

Ex-Showroom Price क्या होती है?

Ex-Showroom Price वह शुरुआती कीमत है, जिस पर कार शोरूम से खरीदी जाती है। इसमें आम तौर पर कार की कीमत और लागू टैक्स शामिल होते हैं। हालांकि, इसमें RTO रजिस्ट्रेशन, रोड टैक्स और इंश्योरेंस जैसे खर्च शामिल नहीं होते।

इसी वजह से किसी कार की विज्ञापित कीमत और वास्तव में भुगतान की जाने वाली रकम में अच्छा-खासा अंतर हो सकता है।

RTO और रोड टैक्स बढ़ा सकते हैं खर्च

नई कार को सड़क पर चलाने से पहले उसका RTO में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स देना पड़ता है। इनकी रकम राज्य के नियमों के अनुसार अलग-अलग होती है।

यही कारण है कि एक ही कार की On-Road कीमत अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकती है। महंगी कारों में रोड टैक्स का हिस्सा भी काफी बड़ा हो सकता है।

इंश्योरेंस भी On-Road कीमत का हिस्सा

कार खरीदते समय इंश्योरेंस एक जरूरी खर्च है। कानूनी तौर पर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस जरूरी है, जबकि कई ग्राहक कार और खुद की बेहतर सुरक्षा के लिए कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेना पसंद करते हैं।

इंश्योरेंस का प्रीमियम कार के मॉडल, कीमत और चुने गए कवरेज के आधार पर अलग हो सकता है। इसलिए इसे भी कार के कुल बजट में शामिल करना चाहिए।

10 लाख से महंगी कार पर TCS

अगर कार की कीमत 10 लाख रुपये से ज्यादा है, तो TCS यानी Tax Collected at Source भी लागू हो सकता है। यह रकम डीलर द्वारा वसूली जाती है और बाद में इनकम टैक्स रिटर्न में नियमों के अनुसार इसका क्रेडिट लिया जा सकता है।

FASTag और लोन लेने पर Hypothecation Charge

नई कार के साथ FASTag का खर्च भी जुड़ सकता है। वहीं, अगर कार लोन पर खरीदी जा रही है, तो RTO रिकॉर्ड में बैंक या फाइनेंस कंपनी का नाम दर्ज कराने के लिए Hypothecation Charge देना पड़ सकता है।

कार खरीदने से पहले ये काम जरूर करें

कार खरीदने से पहले केवल Ex-Showroom Price पर ध्यान देने के बजाय डीलर से पूरी On-Road Price Breakup मांगें। इसमें RTO, रोड टैक्स, इंश्योरेंस, TCS और दूसरे सभी चार्ज अलग-अलग देखें।

इससे आपको असली बजट का अंदाजा पहले ही लग जाएगा और कार की डिलीवरी के समय अचानक अतिरिक्त पैसे जुटाने की परेशानी नहीं होगी।

Latest Posts

-विज्ञापन-

Latest Posts