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Saturday, May 30, 2026
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दुनिया की सबसे कठिन प्रतियोगिता में भारतीय मूल के छात्र का कमाल,श्रेय पारिख बने स्पेलिंग चैंपियन

Shrey Parikh: भारतीय मूल के 14 वर्षीय अमेरिकी छात्र श्रेय पारिख ने शिक्षा की दुनिया में बड़ा नाम दर्ज करा दिया है। उन्होंने 2026 की प्रतिष्ठित स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी प्रतियोगिता जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यह प्रतियोगिता दुनिया की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित अंग्रेजी वर्तनी प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है, जिसमें हजारों प्रतिभागियों में से कुछ ही फाइनल तक पहुंच पाते हैं।

कैलिफोर्निया निवासी श्रेय पारिख ने तीन दिनों तक चले कड़े मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

90 सेकंड में 32 शब्दों की सही स्पेलिंग

फाइनल राउंड में श्रेय ने अपनी तेज सोच और मजबूत शब्द ज्ञान का परिचय देते हुए केवल 90 सेकंड में 35 में से 32 कठिन शब्दों की सही स्पेलिंग बताई। उनकी यह स्पीड और सटीकता प्रतियोगिता में निर्णायक साबित हुई।

फाइनल का सबसे अहम पल वह रहा जब उन्होंने “Cashaw” शब्द की सही स्पेलिंग बताकर जीत हासिल की। यह शब्द एक प्रकार के कद्दू (pumpkin) को दर्शाता है, जो प्रतियोगिता का अंतिम और निर्णायक शब्द था।

लगातार मेहनत से मिला तीसरे प्रयास में सफलता

श्रेय पारिख की यह जीत आसान नहीं थी। यह उनका तीसरा प्रयास था और उनका सफर लगातार सुधार का उदाहरण है।

2022 में पहली बार भाग लेने पर वे 89वें स्थान पर रहे
2024 में उन्होंने मेहनत से सुधार करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया
2026 में उन्होंने अपनी गलतियों से सीख लेकर पहला स्थान प्राप्त किया और चैंपियन बन गए

उनकी यह यात्रा बताती है कि निरंतर प्रयास और अनुशासन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

कड़े मुकाबले में शानदार जीत

फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें उन्होंने अन्य प्रतिभाशाली प्रतियोगियों को पीछे छोड़ा। 12 वर्षीय ईशान गुप्ता और अन्य फाइनलिस्ट भी मजबूत चुनौती पेश कर रहे थे, लेकिन श्रेय ने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनाए रखी।

इस जीत के साथ उन्होंने पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया, जिसमें पहले एक प्रतियोगी ने 30 में से 29 शब्द सही बताए थे।

तैयारी का आधुनिक और तकनीकी तरीका

जीत के बाद श्रेय पारिख ने अपने तैयारी के तरीके के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता केवल रटने से नहीं, बल्कि समझने और तकनीक आधारित अभ्यास से मिली।

उन्होंने टाइपिंग आधारित स्टडी प्रोग्राम्स का इस्तेमाल किया और शब्दों को बेहतर तरीके से समझने के लिए डिजिटल टूल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली। उनका मानना है कि नए शब्दों को सीखने की जिज्ञासा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

श्रेय का कहना है कि वे किसी भी नए शब्द का अर्थ जानने के लिए तुरंत रिसर्च करते हैं, जिससे उनकी शब्दावली लगातार मजबूत होती गई।

स्क्रिप्स स्पेलिंग बी क्यों है खास?

स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी को दुनिया की सबसे कठिन शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में से एक माना जाता है। इसमें 8वीं कक्षा तक के छात्र भाग लेते हैं और बेहद कठिन व दुर्लभ अंग्रेजी शब्दों की सही स्पेलिंग बतानी होती है।

हर साल दुनिया भर से लाखों छात्र शुरुआती राउंड में हिस्सा लेते हैं, लेकिन फाइनल तक केवल कुछ ही प्रतिभागी पहुंच पाते हैं। इस प्रतियोगिता में सफलता पाने के लिए न केवल याददाश्त बल्कि दबाव में शांत रहकर सोचने की क्षमता भी जरूरी होती है।

एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी

श्रेय पारिख की यह जीत सिर्फ एक प्रतियोगिता जीतने की कहानी नहीं है, बल्कि लगातार मेहनत, असफलताओं से सीखने और तकनीक का सही उपयोग करने का उदाहरण है। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है।

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