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मंगलवार, अगस्त 25, 2026
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प्याज के दाम सुनकर बिगड़ा बजट? सरकार ने शुरू की ‘कांदा एक्सप्रेस’, जानें आपको कैसे मिलेगा फायदा

Kanda Express onion prices: अगर आपको भी इन दिनों प्याज खरीदते समय ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, तो सरकार की नई पहल आपके लिए राहत की खबर हो सकती है। प्याज की कीमतों में पिछले एक साल के मुकाबले करीब 59 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 24 अगस्त को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 43.53 रुपये प्रति किलो पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी समय यह 27.37 रुपये प्रति किलो थी।

थोक बाजार में भी कीमतों में करीब 68 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में प्याज करीब 55 रुपये, चेन्नई में 60 रुपये और कोलकाता में 53 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

नासिक से दौड़ेगी ‘कांदा एक्सप्रेस’

कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने अब खास रेलवे रैक के जरिए प्याज की बड़ी खेप भेजनी शुरू कर दी है। इसे ‘कांदा एक्सप्रेस’ नाम दिया गया है। नासिक से प्याज को उन शहरों तक पहुंचाया जा रहा है, जहां इसकी खपत ज्यादा है।

शुरुआती चरण में चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, एर्नाकुलम और गुवाहाटी को प्याज भेजा जाएगा। जरूरत के हिसाब से आगे और शहरों को भी इस अभियान में शामिल किया जा सकता है।

35 रुपये किलो मिल सकता है प्याज

सरकार की योजना सिर्फ थोक बाजार तक प्याज पहुंचाने की नहीं है, बल्कि आम लोगों को भी राहत देने की है। एनसीसीएफ और नाफेड जैसी एजेंसियों के माध्यम से खुदरा बाजार में प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेचने की तैयारी है।इससे बाजार में महंगे प्याज का दबाव कम करने और ग्राहकों को सस्ती कीमत पर प्याज उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

सरकार के पास 1.21 लाख टन का बफर स्टॉक

सरकार के पास मौजूदा साल के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक मौजूद है। यह स्टॉक ऐसे समय के लिए रखा जाता है, जब बाजार में प्याज की कमी होने लगे और कीमतें अचानक बढ़ जाएं।

अगस्त-सितंबर के दौरान प्याज की कीमतों में मौसमी तेजी आम बात है। त्योहारों की मांग, मौसम में बदलाव और सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतें भी कीमतों को प्रभावित करती हैं।

कांदा एक्सप्रेस’ पहले भी कर चुकी है काम

‘कांदा एक्सप्रेस’ की शुरुआत वर्ष 2024-25 में हुई थी। उस दौरान करीब 12 हजार टन प्याज 14 रेल रैक के जरिए पांच शहरों तक पहुंचाया गया था। वर्ष 2025-26 में इसका दायरा काफी बढ़ा और 86 रैक के जरिए करीब 88 हजार टन प्याज 16 बड़े शहरों तक पहुंचाया गया।

अब एक बार फिर सरकार इसी व्यवस्था के जरिए बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रही है। अगर सप्लाई बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में घरेलू बजट पर प्याज की मार कुछ कम हो सकती है।

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