Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जंक्शन पर स्टेशन के नाम वाले साइन बोर्ड में उर्दू भाषा के इस्तेमाल को लेकर नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक युवक बोर्ड पर उर्दू में लिखे स्टेशन के नाम पर आपत्ति जताता नजर आया। युवक ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस नाम को हटाने की मांग भी की।
युवक का कहना था कि अगली बार जब वह मथुरा आए तो स्टेशन के बोर्ड पर उर्दू में लिखा नाम दिखाई नहीं देना चाहिए। इस दौरान उसके साथ मौजूद लोगों ने धार्मिक नारे भी लगाए, जिससे मामला और चर्चा में आ गया।
युवक ने सीएम योगी से की कार्रवाई की मांग
वीडियो में युवक रेलवे और प्रदेश सरकार से बोर्ड पर लिखे उर्दू नाम को हटाने की अपील करता दिखाई देता है। उसका दावा था कि उर्दू को देश की भाषा नहीं माना जाता, इसलिए रेलवे स्टेशन के नाम में इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
हालांकि, इस दावे को समझने के लिए संवैधानिक स्थिति जानना भी जरूरी है। भारत में किसी भी भाषा को ‘राष्ट्रीय भाषा’ का दर्जा प्राप्त नहीं है। हिंदी संघ की राजभाषा है, जबकि उर्दू संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से एक है।
धार्मिक नारे लगने से बढ़ी चर्चा
साइन बोर्ड पर आपत्ति जताने के दौरान वहां मौजूद लोगों ने धार्मिक नारे भी लगाए। इससे मामला केवल भाषा के इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धार्मिक पहचान और सार्वजनिक स्थानों पर भाषा को लेकर बहस का विषय बन गया।
मथुरा भगवान कृष्ण की नगरी के रूप में देश-दुनिया में प्रसिद्ध है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थान पर सामने आया यह विवाद तेजी से चर्चा में आ गया।
कौन है उर्दू नाम पर सवाल उठाने वाला युवक?
उर्दू नाम पर आपत्ति जताने वाले युवक की पहचान गौतम रावरिया के रूप में बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, वह विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े महाराष्ट्र के कार्यकर्ता हैं। हालांकि, उनके संगठनात्मक पद से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब प्रशासन के जवाब का इंतजार
फिलहाल मामले को लेकर रेलवे, जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है।
मथुरा जंक्शन का यह मामला एक बार फिर सार्वजनिक जगहों पर भाषा, स्थानीय पहचान और संवैधानिक प्रावधानों को लेकर चर्चा छेड़ रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासन की प्रतिक्रिया से तस्वीर और साफ हो सकती है।

