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सोमवार, सितम्बर 14, 2026
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UNSC Reform: मोदी की पहल को संयुक्त राष्ट्र का मिला साथ, सुरक्षा परिषद में बदलाव की मांग ने पकड़ा जोर

UNSC Reform:ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक शासन व्यवस्था और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में सुधार की जोरदार मांग उठाई। अब संयुक्त राष्ट्र ने भी उनके इस रुख का समर्थन किया है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि सुरक्षा परिषद की मौजूदा व्यवस्था 21वीं सदी की वास्तविकताओं को पूरी तरह नहीं दर्शाती। उन्होंने वैश्विक संस्थाओं में जरूरी बदलाव को अब और टालने के बजाय आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।

1945 की व्यवस्था पर सवाल

दुजारिक ने कहा कि दुनिया की शांति और सुरक्षा से जुड़ी सुरक्षा परिषद के साथ वैश्विक वित्तीय संस्थानों को भी मौजूदा दौर की वास्तविकताओं के अनुरूप होना चाहिए।

उनके मुताबिक इन संस्थाओं को 1945 के समय की परिस्थितियों के बजाय 2026 की दुनिया को प्रतिबिंबित करना होगा। उन्होंने वैश्विक संस्थाओं को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने के लिए इसे सही समय बताया।

मोदी ने रखा सुधार रोडमैप

ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक शासन व्यवस्था को एक ऐसे पिरामिड के रूप में बताया, जिसमें निर्णय लेने की शक्ति ऊपर के स्तर पर केंद्रित है। वहीं ग्लोबल साउथ के देश खुद को अक्सर निर्णय प्रक्रिया की पिछली पंक्ति में पाते हैं।

मोदी ने इस व्यवस्था को बदलकर साझेदारी का मंच बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसमें सभी देशों की आवाज और भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने ब्रिक्स देशों से प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम-निर्माण पर आधारित सुधार रोडमैप तैयार करने का आग्रह किया।

भारत को सेतु निर्माता बताया

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री मोदी और महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया और यूक्रेन के संघर्षों सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

दुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र भारत को एक सेतु निर्माता के रूप में देखता है। उनके मुताबिक भारत युद्धरत पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

ब्रिक्स अध्यक्षता की सराहना

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की भी सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ब्रिक्स सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

उन्होंने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाए जाने को भी महत्वपूर्ण बताया। इससे भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स देशों के बीच साझा सहमति बनाने की क्षमता को लेकर सकारात्मक संदेश गया है।

UNSC सुधार पर बढ़ा दबाव

संयुक्त राष्ट्र की ओर से आया यह समर्थन भारत की लंबे समय से चली आ रही UNSC सुधार की मांग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधित्व वाला बनाने और वैश्विक शक्ति संतुलन के अनुरूप बदलाव की मांग करता रहा है।

अब ब्रिक्स जैसे बड़े मंच और संयुक्त राष्ट्र दोनों जगह सुधार की जरूरत पर चर्चा होने से सुरक्षा परिषद में बदलाव की मांग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलने के संकेत हैं।

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