Indian Idol Winners: साल 2004 में शुरू हुए ‘इंडियन आइडल’ के पहले सीजन के विजेता अभिजीत सावंत बने। शो के बाद उन्होंने एल्बम, प्लेबैक सिंगिंग, एक्टिंग और रियलिटी शोज में काम किया। वह आज भी म्यूजिक और स्टेज परफॉर्मेंस से जुड़े हुए हैं।
दूसरे सीजन के विजेता संदीप आचार्य ने भी एल्बम रिलीज किया, लेकिन 2013 में महज 29 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। वहीं तीसरे सीजन के विजेता प्रशांत तामांग ने सिंगिंग के साथ नेपाली फिल्मों में एक्टिंग की। जनवरी 2026 में 43 साल की उम्र में उनके निधन की खबर सामने आई।
किसी ने सिंगिंग तो किसी ने एक्टिंग चुनी
सीजन 4 की विजेता सौरभी देबबर्मा संगीत से जुड़ी रहीं। सीजन 5 के श्रीराम चंद्र ने तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में प्लेबैक सिंगिंग के साथ एक्टिंग और टीवी होस्टिंग में भी पहचान बनाई।
सीजन 6 के विपुल मेहता अपेक्षाकृत लाइमलाइट से दूर रहे। वहीं एलवी रेवंत ने सीजन 9 जीतने के बाद साउथ इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री में मजबूत पहचान बनाई। सलमान अली ने सीजन 10 के बाद बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग और स्टेज शोज में अपनी जगह बनाई।
सनी से पवनदीप तक बदली जिंदगी
सीजन 11 के विजेता सनी हिंदुस्तानी की कहानी बेहद प्रेरणादायक रही। कभी जूते पॉलिश कर गुजारा करने वाले सनी ने शो जीतकर म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा।
सीजन 12 के पवनदीप राजन भी शो के सबसे लोकप्रिय विनर्स में रहे। उनकी आवाज के साथ कई इंस्ट्रूमेंट्स बजाने की क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दी। ऋषि सिंह, वैभव गुप्ता और सीजन 15 की मानसी घोष ने भी शो के बाद संगीत में आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखी।
अब ज्योतिर्मयी नायक की बारी
सीजन 16 की विजेता ओडिशा की ज्योतिर्मयी नायक बनी हैं। वह ‘इंडियन आइडल’ जीतने वाली ओडिशा की पहली सिंगर हैं। उन्हें ट्रॉफी के साथ 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली है।
अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती शो की लोकप्रियता को लंबे और सफल म्यूजिक करियर में बदलने की है। ‘इंडियन आइडल’ के इतिहास से साफ है कि ट्रॉफी करियर की शुरुआत जरूर करती है, लेकिन असली पहचान लगातार मेहनत से बनती है।

