NEET Result 2026: NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद अब लाखों छात्रों और उनके परिवारों की नजर मेडिकल काउंसलिंग पर है। हर साल की तरह इस बार भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि किस रैंक पर सरकारी MBBS सीट मिल सकती है और अगर रैंक थोड़ी कम हो तो क्या मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलना संभव है?
विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ NEET क्वालिफाई कर लेना काफी नहीं होता। असली मुकाबला काउंसलिंग के दौरान सीट अलॉटमेंट में होता है, जहां रैंक, कैटेगरी, राज्य कोटा और सीटों की उपलब्धता अहम भूमिका निभाते हैं।
देश में कितनी हैं MBBS सीटें?
फिलहाल देशभर में करीब 1.36 लाख MBBS सीटें उपलब्ध हैं। इनमें 63 हजार से अधिक सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हैं, जबकि 73 हजार से ज्यादा सीटें प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में हैं। उम्मीदवारों की संख्या सीटों के मुकाबले कई गुना अधिक होने की वजह से सरकारी कॉलेज में एडमिशन काफी चुनौतीपूर्ण रहता है।
कम रैंक पर किन सरकारी कॉलेजों में बन सकती है बात?
पिछले वर्षों की काउंसलिंग के ट्रेंड बताते हैं कि कुछ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अपेक्षाकृत कम रैंक पर भी MBBS सीटें मिली हैं। इनमें पंजाब का Government Medical College, महाराष्ट्र का Government Medical College Latur, हरियाणा का Shaheed Hasan Khan Mewati Government Medical College, छत्तीसगढ़ का Late Baliram Kashyap Memorial Government Medical College और उत्तर प्रदेश का Government Medical College Firozabad शामिल रहे हैं।हालांकि हर साल कटऑफ बदलती है, इसलिए इसे केवल एक संभावित ट्रेंड के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सरकारी सीट नहीं मिली तो क्या करें?
अगर सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट नहीं मिलती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। कई प्राइवेट मेडिकल कॉलेज भी अपेक्षाकृत कम फीस में MBBS की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। काउंसलिंग के दौरान फीस, मान्यता, इंटर्नशिप और अस्पताल की सुविधाओं की अच्छी तरह जांच करने के बाद ही कॉलेज का चयन करें।
सरकारी MBBS के लिए कितना स्कोर सुरक्षित माना जा रहा है?
पिछले वर्षों के ट्रेंड के अनुसार सामान्य वर्ग के लिए 610+ अंक, OBC के लिए 590+, EWS के लिए 600+, SC के लिए 550+ और ST वर्ग के लिए 490+ अंक सरकारी MBBS सीट की अच्छी संभावना बना सकते हैं। हालांकि अंतिम कटऑफ काउंसलिंग के प्रत्येक राउंड के बाद ही तय होती है।
AIIMS और टॉप मेडिकल कॉलेज के लिए कितना स्कोर चाहिए?
अगर आपका सपना AIIMS दिल्ली या देश के अन्य प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में पढ़ाई करने का है, तो आपको काफी ऊंचा स्कोर चाहिए। पिछले वर्षों के ट्रेंड के अनुसार AIIMS दिल्ली के लिए लगभग 690-705+ अंक मजबूत माने जाते हैं। वहीं AIIMS भोपाल, जोधपुर, ऋषिकेश और भुवनेश्वर जैसे संस्थानों के लिए 660-680+ अंक अच्छे माने जाते हैं। JIPMER और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों में भी सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 670 से अधिक अंक मजबूत स्थिति बनाते हैं।काउंसलिंग के दौरान सही विकल्प भरना, पिछले वर्षों के कटऑफ का अध्ययन करना और सभी राउंड में भाग लेना उम्मीदवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीति साबित हो सकती है।

