Azamgarh Crime: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में कथित अंधविश्वास से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में तीन लोगों की हत्या और बच्चों को बंधक बनाने के आरोपी अरविंद सिंह की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मंगलवार देर शाम शुरू हुई कार्रवाई के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
चार दिन से चल रही थी पूजा
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, अरविंद सिंह के भाई गुड्डू सिंह की करीब आठ साल पहले हत्या हुई थी। आरोपी को कथित तौर पर विश्वास था कि उसके भाई की आत्मा परिवार को परेशान कर रही है। इसी धारणा के चलते घर में कई दिनों से पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र कराया जा रहा था।बताया गया कि पूजा के दौरान अरविंद ने इसे रोकने की मांग की। विवाद बढ़ने पर उसने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से दो पुजारियों पर गोली चला दी। दोनों की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो अन्य पुजारी वहां से भाग गए।
पत्नी की भी गोली मारकर हत्या
इसके बाद अरविंद ने अपनी पत्नी को भी गोली मार दी। तीन लोगों की हत्या के बाद उसने अपने 8 वर्षीय बेटे, 12 वर्षीय बेटी और छह महीने की बच्ची को एक कमरे में बंद कर दिया।घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और अन्य सुरक्षा टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने कई घंटे तक आरोपी को समझाने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया।
पुलिस पर फायरिंग के बाद हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर कई राउंड फायरिंग की। मौके पर मौजूद ATS कमांडो और SOG टीम ने जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान आरोपी घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना में बच्चों की स्थिति और उन्हें सुरक्षित निकालने की कार्रवाई को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।

