Noida News: आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन टिकट बुकिंग बेहद आम हो चुकी है, लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। नोएडा पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने फर्जी एयरलाइन टिकट बुकिंग के नाम पर अमेरिका और यूरोप के नागरिकों से करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी की।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इंटरनेट पर आकर्षक विज्ञापन डालते थे और लोगों को सस्ते एयरलाइन टिकट का लालच देते थे। जब कोई ग्राहक दिए गए नंबर पर संपर्क करता था, तो गिरोह के सदस्य खुद को किसी बड़ी एयरलाइन कंपनी या ट्रैवल एजेंसी का कर्मचारी बताकर बात करते थे।
उनकी बातचीत का तरीका इतना पेशेवर होता था कि लोगों को उन पर आसानी से भरोसा हो जाता था। इसके बाद वे टिकट बुकिंग के नाम पर भुगतान की जानकारी हासिल कर लेते थे और डॉलर में रकम वसूलते थे।
विदेशी लहजे से जीतते थे भरोसा
इस गिरोह की सबसे खास बात यह थी कि इसके सदस्य अंग्रेजी में अमेरिकी और यूरोपीय लहजे की नकल करने में माहिर थे। यही वजह थी कि विदेशी नागरिकों को शक नहीं होता था और वे आसानी से उनके झांसे में आ जाते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी ग्राहकों से फोन और ईमेल के जरिए संपर्क बनाए रखते थे ताकि उन्हें पूरी तरह विश्वास दिलाया जा सके कि वे किसी असली कंपनी से बात कर रहे हैं।
करोड़ों रुपये के लेनदेन के सबूत मिले
जांच के दौरान पुलिस को लगभग 10.50 लाख अमेरिकी डॉलर के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 10 करोड़ रुपये के बराबर बताई जा रही है।
यह खुलासा बताता है कि गिरोह काफी लंबे समय से संगठित तरीके से साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 13 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
अब इन सभी डिवाइस की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की जानकारी मिल सके।
फर्जी टिकट भेजकर करते थे धोखाधड़ी
आरोपी कई बार ग्राहकों को नकली टिकट भेज देते थे, जबकि कुछ मामलों में टिकट जारी ही नहीं किया जाता था। ठगी का पता देर से चले, इसके लिए वे अक्सर कई महीनों बाद की यात्रा के लिए टिकट बुक करते थे।
जब तक पीड़ितों को धोखाधड़ी का एहसास होता, तब तक आरोपी अपने मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य डिजिटल पहचान बदल चुके होते थे।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते समय रखें सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि टिकट हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से ही बुक करें। किसी अनजान नंबर, सोशल मीडिया विज्ञापन या अत्यधिक सस्ते ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। भुगतान करने से पहले कंपनी की जानकारी जरूर जांच लें।नोएडा पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी कई नाम जल्द सामने आ सकते हैं।

