Crime in Delhi: राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों में घरेलू सहायकों (Domestic Helps) द्वारा की गई खौफनाक वारदातों ने पूरे शहर को डरा दिया है। लुटियंस दिल्ली से लेकर अमर कॉलोनी तक, इन घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि एक छोटी सी लापरवाही—पुलिस सत्यापन (Police Verification) दिल्ली के पॉश इलाकों से लेकर सामान्य कॉलोनियों तक, घरेलू सहायकों द्वारा लूट, हत्या और दुष्कर्म जैसी घटनाओं ने पुलिस प्रशासन और नागरिकों के बीच हड़कंप मचा दिया है। दिल्ली पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि 2020 से 2025 के बीच घरेलू सहायकों ने 750 से अधिक लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से अधिकांश मामलों में नौकरों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था।
हालिया वारदातें जिन्होंने राजधानी को दहला दिया
गोल्फ लिंक्स डकैती (20 अप्रैल 2026): शराब कारोबारी प्रवीण चावला के घर में उनके नौकर सुशील कामत ने 7 साथियों के साथ मिलकर परिवार को बंधक बनाया और 30 लाख की लूट की। जांच में पता चला कि कामत का पुराना आपराधिक इतिहास था।
अमर कॉलोनी कांड: एक पूर्व घरेलू सहायक राहुल मीणा ने एक आईआरएस (IRS) अधिकारी की बेटी की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी।
लाजपत नगर दोहरा हत्याकांड (2025): मामूली विवाद के बाद नौकर ने मालकिन और उनके 14 वर्षीय बेटे की गला रेतकर हत्या कर दी।
सत्यापन में लापरवाही: क्यों बढ़ रहे हैं अपराध?
अपराधी मानसिकता वाले लोग घरेलू सहायक बनकर घरों में घुसते हैं क्योंकि:
अत्यधिक विश्वास: मकान मालिक बिना जांच-पड़ताल के चाबियां सौंप देते हैं।
पहचान छिपाना: सत्यापन न होने के कारण नौकर गलत नाम और पता बताते हैं, जिससे वारदात के बाद उन्हें पकड़ना नामुमकिन हो जाता है।
कानूनी डर का अभाव: पुलिस रिकॉर्ड न होने के कारण अपराधी बेखौफ रहते हैं।
कानून क्या कहता है?
दिल्ली में घरेलू सहायकों, किरायेदारों और ड्राइवरों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य है।
सत्यापन की प्रक्रिया: घर बैठे करें आवेदन
सुरक्षित रहने के लिए मकान मालिकों को इन आसान स्टेप्स का पालन करना चाहिए:
थाने से फॉर्म: नजदीकी थाने से सत्यापन फॉर्म लेकर उसमें सहायक की फोटो, आधार कार्ड (विवरण), स्थायी पता और पिछले मालिक की जानकारी भरें।
ऑनलाइन सुविधा: दिल्ली पुलिस के मोबाइल ऐप को डाउनलोड करके लोग ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।
क्लीयरेंस रिपोर्ट: काम पर रखने से पहले सहायक से उसकी ‘पुलिस क्लीयरेंस रिपोर्ट’ जरूर मांगें।
पुलिस का संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घरेलू सहायक को परिवार का हिस्सा मानने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करना आपकी जिम्मेदारी है। यदि कोई सहायक फोटो या स्थायी पता देने में आनाकानी करे, तो उसे काम पर रखना खतरे को दावत देना है।

