Bollywood News: बॉलीवुड में नए कलाकारों के लिए शुरुआत आसान नहीं होती। कई बार चमक-दमक के पीछे ऐसे अनुभव छिपे होते हैं, जिनके बारे में कलाकार सालों बाद खुलकर बात करते हैं। ऐसी ही एक कहानी अभिनेत्री निक्की अनेजा ने भी साझा की थी, जो उनकी शुरुआती फिल्मों से जुड़ी है।
‘मिस्टर आजाद’ से शुरू हुआ फिल्मी सफर
निक्की अनेजा ने साल 1994 में फिल्म मिस्टर आजाद में काम किया था। इस फिल्म को पहलाज निहलानी ने प्रोड्यूस किया था और इसमें अनिल कपूर मुख्य भूमिका में नजर आए थे। उस समय निक्की सिर्फ 19 साल की थीं और इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं।
निक्की के अनुसार, यह उनका शुरुआती दौर था और वह हर चीज को सीखने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन कुछ अनुभव उनके लिए काफी असहज भी रहे।
डिनर मीटिंग्स को लेकर सवाल
निक्की ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें फिल्म से जुड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ डिनर मीटिंग्स में शामिल होने के लिए कहा गया था। शुरुआत में उन्हें यह बात थोड़ी अजीब लगी क्योंकि उन्हें इसका मकसद ठीक से समझ नहीं आ रहा था।
जब उन्होंने इस बारे में सवाल किए, तो उन्हें बताया गया कि फिल्म के प्रमोशन के लिए ऐसी मुलाकातें जरूरी होती हैं। लेकिन निक्की को यह तरीका सहज नहीं लगा और उन्होंने अपनी असहमति भी जताई।
“कंप्रोमाइज” वाली बातों से असहजता
अभिनेत्री ने यह भी कहा था कि उस समय इंडस्ट्री में कुछ लोग नए कलाकारों को यह सलाह देते थे कि आगे बढ़ने के लिए “कंप्रोमाइज” करना पड़ सकता है। निक्की के लिए यह सोच स्वीकार करना आसान नहीं था।
उन्होंने साफ कहा था कि वह अपने करियर को मेहनत और टैलेंट के दम पर आगे बढ़ाना चाहती थीं, न कि किसी तरह के समझौते के जरिए। इसी वजह से वह ऐसी बातों से हमेशा दूरी बनाकर रखती थीं।
अनुभव जिसने बदल दिया नजरिया
निक्की ने बताया था कि मिस्टर आजाद के दौरान मिले अनुभवों ने उनके सोचने के तरीके पर काफी असर डाला। इसके बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से धीरे-धीरे दूरी बनानी शुरू कर दी।
हालांकि बाद में उन्हें कुछ प्रोजेक्ट्स में बेहतर और सकारात्मक माहौल भी मिला, लेकिन शुरुआती अनुभव उनके लिए काफी यादगार और चुनौतीपूर्ण रहे।उनकी यह कहानी आज भी इस बात की याद दिलाती है कि इंडस्ट्री में नए लोगों के लिए माहौल कितना महत्वपूर्ण होता है और सम्मानजनक व्यवहार कितना जरूरी है।

