Dadasaheb Phalke : भारतीय सिनेमा के पितामह कहे जाने वाले Dadasaheb Phalke का जन्म 30 अप्रैल 1870 को Trimbakeshwar में हुआ था। उनका पूरा नाम धुंडीराज गोविंद फाल्के था। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की नींव रखने वाले फाल्के ने अपने जुनून, संघर्ष और कल्पनाशक्ति के दम पर सिनेमा को भारत में नई पहचान दिलाई।
बचपन से कला और अभिनय में थी रुचि
Dadasaheb Phalke ने प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही प्राप्त की, जहां उन्हें संस्कृत और पारंपरिक शिक्षा दी गई। बचपन से ही उनकी रुचि चित्रकला, नाट्यकला, अभिनय और जादूगरी में थी। आगे चलकर उन्होंने Sir J. J. School of Art में दाखिला लिया, जहां उनकी रुचि फोटोग्राफी और ललित कला में और गहरी हो गई।
छात्रवृत्ति से खरीदा पहला कैमरा
फाल्के ने अपनी छात्रवृत्ति से कैमरा खरीदा और फोटोग्राफी के क्षेत्र में प्रयोग शुरू किए। इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग, आर्किटेक्चर और प्रिंटिंग तकनीक का भी अध्ययन किया। जर्मनी जाकर उन्होंने आधुनिक प्रिंटिंग मशीनों की जानकारी हासिल की और भारत लौटकर अपना प्रिंटिंग प्रेस शुरू किया।
‘लाइफ ऑफ क्राइस्ट’ ने बदल दी सोच
साल 1911 में The Life of Christ देखने के बाद उनके भीतर भारतीय पौराणिक कथाओं पर फिल्म बनाने का विचार आया। इस फिल्म ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने ठान लिया कि भारत में भी अपनी संस्कृति और धार्मिक कथाओं पर फिल्में बनानी चाहिए।
‘राजा हरिश्चंद्र’ से रचा इतिहास
साल 1913 में Dadasaheb Phalke ने भारत की पहली फीचर फिल्म Raja Harishchandra बनाई। यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई। सीमित संसाधनों, कम बजट और परिवार के सहयोग से बनी इस फिल्म ने देश में सिनेमा की नई शुरुआत की।
पौराणिक फिल्मों के जरिए बनाई अलग पहचान
फाल्के की अधिकतर फिल्में भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित थीं। Lanka Dahan, Mohini Bhasmasur, Satyavan Savitri और Shri Krishna Janma जैसी फिल्मों ने उन्हें लोकप्रियता दिलाई।
दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से आज भी जीवित है विरासत
Dadasaheb Phalke के सम्मान में भारत सरकार ने भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान Dadasaheb Phalke Award शुरू किया। यह पुरस्कार आज भी फिल्म जगत में सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है।
दादा साहब फाल्के सिर्फ एक फिल्मकार नहीं थे, बल्कि वे भारतीय सिनेमा की आत्मा थे। उनके सपनों और मेहनत की वजह से आज भारतीय फिल्म इंडस्ट्री दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है।

