Entertainment News: टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्री सुमोना चक्रवर्ती ने हाल ही में अपने फैंस के साथ एक अहम हेल्थ अपडेट साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें एंडोमेट्रियोसिस नाम की बीमारी थी, जिसके इलाज के लिए 4 मई को उनकी सर्जरी हुई। अब दो महीने की रिकवरी के बाद उन्होंने बताया कि उनकी सेहत में काफी सुधार है और वह पहले से बेहतर महसूस कर रही हैं।
दो महीने तक सोशल मीडिया से रहीं दूर
सुमोना ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि पिछले दो महीने उन्होंने पूरी तरह अपनी शारीरिक और मानसिक रिकवरी पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक दवाओं और दूसरे तरीकों से बीमारी को कंट्रोल करने की कोशिश की गई, लेकिन आखिरकार सर्जरी करानी पड़ी।उन्होंने अपनी मेडिकल टीम और डॉक्टरों का भी धन्यवाद किया और कहा कि उनके सहयोग की वजह से वह अब तेजी से ठीक हो रही हैं।
सहानुभूति नहीं, जागरूकता के लिए साझा किया अनुभव
सुमोना ने साफ किया कि उन्होंने यह अनुभव किसी प्रमोशन या सहानुभूति के लिए नहीं बताया है। उनका उद्देश्य महिलाओं को इस बीमारी के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उनकी जिंदगी को देखने का नजरिया बदल दिया है।उनकी पोस्ट पर कई कलाकारों और फैंस ने जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं।
क्या है एंडोमेट्रियोसिस?
एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें गर्भाशय (यूट्रस) की अंदरूनी परत जैसा टिशू गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है। यह अक्सर ओवरी, फैलोपियन ट्यूब और पेल्विक हिस्से में पाया जाता है।यह टिशू शरीर से बाहर नहीं निकल पाता, जिससे सूजन, तेज दर्द और कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। कुछ महिलाओं में यह बीमारी गर्भधारण में भी परेशानी पैदा कर सकती है।
इसके सामान्य लक्षण
पीरियड्स के दौरान बहुत तेज दर्द,पेल्विक हिस्से में लगातार दर्द,संबंध बनाते समय दर्द,अत्यधिक ब्लीडिंग,थकान और कमजोरी,कुछ मामलों में बांझपन की समस्या,यदि लंबे समय तक ऐसे लक्षण बने रहें तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
क्या इसका इलाज संभव है?
फिलहाल एंडोमेट्रियोसिस का स्थायी इलाज नहीं माना जाता, लेकिन दवाओं, हार्मोन थेरेपी और जरूरत पड़ने पर सर्जरी के जरिए इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। समय पर पहचान और सही इलाज से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।सुमोना चक्रवर्ती की कहानी इस बात की याद दिलाती है कि महिलाओं को अपनी सेहत से जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही समय पर जांच और इलाज कई गंभीर परेशानियों से बचा सकता है।

