क्या है पूरा मामला?
एफएसएसएआई के अनुसार, भारत के मौजूदा खाद्य सुरक्षा नियमों में “Energy Drink” नाम की कोई अलग फूड कैटेगरी निर्धारित नहीं की गई है। नियामक का कहना है कि फूड कैटेगरी केवल प्रशासनिक वर्गीकरण के लिए होती है और उसका उपयोग उत्पादों की मार्केटिंग या लेबलिंग के लिए नहीं किया जा सकता।
रेगुलेटर ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी खाद्य या पेय उत्पाद पर ऐसा दावा नहीं किया जा सकता कि वह शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा देता है, कमजोरी दूर करता है या कोई विशेष चिकित्सीय लाभ पहुंचाता है, जब तक कि इसकी अनुमति नियमों के तहत न हो।
किन कंपनियों को मिला नोटिस?
एफएसएसएआई ने PepsiCo को नोटिस भेजा है, जो भारत में Sting और हाल ही में लॉन्च किया गया Adrenaline Rush बेचती है। इसके अलावा Red Bull और अन्य कई पेय कंपनियों को भी नोटिस जारी किया गया है, जो अपने उत्पादों के प्रचार में “Energy Drink” शब्द का इस्तेमाल करती हैं।
क्या इन ड्रिंक्स पर बैन लग गया है?
फिलहाल ऐसा नहीं है। एफएसएसएआई ने केवल स्पष्टीकरण मांगा है और कंपनियों से जवाब देने को कहा है। जवाब मिलने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
अभी इन उत्पादों की बिक्री सामान्य रूप से जारी रहेगी। हालांकि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो कंपनियों को अपने उत्पादों की पैकेजिंग, लेबलिंग और विज्ञापन में बदलाव करना पड़ सकता है।
यह विवाद फिलहाल उत्पाद की गुणवत्ता या उसमें मौजूद सामग्री को लेकर नहीं, बल्कि “Energy Drink” शब्द के इस्तेमाल और उससे जुड़े दावों को लेकर है। ऐसे में आने वाले दिनों में एफएसएसएआई के फैसले पर पेय उद्योग और उपभोक्ताओं दोनों की नजर रहेगी।