गर्मी में कूलर राहत देता है, लेकिन गंदा वाटर टैंक मच्छरों, बैक्टीरिया और बदबू की वजह बन सकता है। इसलिए समय-समय पर टैंक की सफाई जरूरी है। साबुन, ब्रश, नीम या डिटॉल से सफाई कर टैंक को अच्छी तरह सुखाएं। नियमित सफाई से कूलर की हवा फ्रेश रहती है और बीमारियों का खतरा कम होता है।
कूलर का गंदा टैंक बन सकता है बीमारी की वजह, ऐसे करें सफाई और रखें हवा फ्रेश, गर्मी का मौसम आते ही घरों में कूलर चलने लगते हैं। तेज धूप और उमस के बीच कूलर राहत तो देता है, लेकिन अगर इसकी सफाई समय पर न की जाए तो यही कूलर मच्छरों, बैक्टीरिया और बदबू का घर बन सकता है। कई लोग सिर्फ पानी बदलकर काम चला लेते हैं, जबकि कूलर के वाटर टैंक की गहराई से सफाई करना भी बेहद जरूरी होता है। गंदे टैंक में काई जमने लगती है और मच्छर पनपने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे डेंगू और दूसरी बीमारियों का रिस्क भी बढ़ सकता है।
सबसे पहले टैंक को पूरी तरह खाली करें
कूलर साफ करने से पहले उसका प्लग निकाल दें और टैंक का सारा पानी बाहर निकाल दें। पुराने पानी में धूल, मिट्टी और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। इसके बाद टैंक में गर्म पानी डालें और हल्का साबुन या डिटर्जेंट मिलाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। ऐसा करने से जमी हुई गंदगी और चिकनाई आसानी से ढीली पड़ जाती है।
ब्रश से करें कोनों की अच्छी सफाई
कूलर के कोनों में सबसे ज्यादा गंदगी जमा होती है। यही जगह मच्छरों और काई के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है। इसलिए सॉफ्ट ब्रश की मदद से धीरे-धीरे कोनों को साफ करें। पाइप और पानी निकलने वाली जगह पर भी खास ध्यान दें क्योंकि वहां अक्सर हरी काई जम जाती है। हार्ड ब्रश का इस्तेमाल करने से प्लास्टिक खराब हो सकता है, इसलिए मुलायम ब्रश ही इस्तेमाल करें।
नीम और डिटॉल भी आ सकते हैं काम
अगर आप चाहते हैं कि टैंक ज्यादा समय तक साफ रहे, तो सफाई के दौरान नीम का पानी या डिटॉल का हल्का घोल इस्तेमाल कर सकते हैं। नीम में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो कीटाणुओं को कम करने में मदद करते हैं। वहीं डिटॉल बदबू और बैक्टीरिया हटाने में असरदार माना जाता है। हालांकि इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करें ताकि तेज गंध परेशानी न बने।
टैंक को सुखाना भी है जरूरी
कई लोग सफाई के तुरंत बाद पानी भर देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। सफाई के बाद टैंक को कुछ देर सूखने दें। अगर संभव हो तो उसे धूप में खुला छोड़ दें। इससे नमी खत्म हो जाती है और बैक्टीरिया बनने का खतरा कम हो जाता है। सूखे टैंक में पानी भरने से बदबू और गंदगी जल्दी नहीं बनती।
कितने दिन में करनी चाहिए सफाई?
गर्मी के मौसम में कूलर का पानी कम से कम हफ्ते में एक बार जरूर बदलना चाहिए। वहीं हर 15 दिन में टैंक की डीप क्लीनिंग करना बेहतर माना जाता है। नियमित सफाई से न सिर्फ हवा ताजा रहती है, बल्कि कूलर की कूलिंग भी अच्छी होती है और बिजली की खपत भी कम होती है।

